संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। नगर पालिका की दुकानों में पिछले काफी वर्षों से बैठे दुकानदारों पर लाखों रुपये का किराया बकाया है। नपा प्रशासन द्वारा बार-बार नोटिस देने के बाद भी नगर पालिका द्वारा उक्त दुकानदारों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। जिससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
विदित हो कि नगर पालिका के अधीन आने वाली घरौंडा में करीब डेढ़ सौ दुकाने हैं। जो नपा प्रशासन ने पिछले कई वर्षों से दुकानदारों को किराए पर दी हुई हैं लेकिन इनमें से 28 दुकानदारों ने पिछले कई वर्षों से मासिक किराया नगर पालिका में जमा नहीं करवाया है। इनका कुल किराया करीब 14 लाख रुपये बनता है। नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, इनमें से कई दुकानदार तो ऐसे हैं जिन्होंने 2019 से लेकर आज तक किराया नहीं भरा है।
लोगों का यहां तक की कहना है कि इनमें से अधिकांश दुकानदार राजनीतिक पहुंच वाले व्यक्ति हैं जो नगर पालिका पर दबाव बनाकर रखते हैं। घरौंडा में नगर पालिका के अधीन करीब डेढ़ सौ दुकानें हैं जिनसे प्रतिमाह करीब 3.50 लाख रुपये का किराया वसूला जाता है।
हालांकि नगर पालिका प्रशासन इनके खिलाफ नोटिस जारी करने की बात करता है लेकिन क्या 4 साल में इनको अभी तक नोटिस ही दिए जा रहे हैं उनके प्रति ठोस कार्रवाई क्यों नहीं होती, जो नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ी करती है। लोगों का कहना है कि अगर यह 14 लाख रुपये की राशि नगर पालिका में जमा हो तो वह शहर के विकास कार्यों पर खर्च की जा सकती है।
नगर पालिका की 28 दुकानों का 14 लाख रुपये का किराया बकाया है। इन दुकानदारों को दो बार नोटिस दिए जा चुके हैं, तीसरा नोटिस देने के बाद इन दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करते हुए उनकी दुकानों को सील कर दिया जाएगा। - प्रिंस मेहंदीरता, सचिव, नगर पालिका घरौंडा