माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शूटिंग और तीरंदाजी के खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। जल्द प्रदेश के खिलाड़ियों को इन दोनों खेलों के सरकारी केंद्रों की सौगात मिलेगी। करनाल में एशियाई खेलों के विजेताओं को सम्मानित करने के लिए हुए राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह घोषणा की है। कर्ण स्टेडियम के मैदान में हुए कार्यक्रम में मंच से उन्होंने कहा कि हरियाणा में अभी तक सरकारी शूटिंग रेंज नहीं है। ऐसे में जल्द झज्जर के निमाना गांव और पंचकूला के सेक्टर-32 में शूटिंग रेंज खोलेंगे। इसके साथ ही यमुनानगर के तेजली स्टेडियम और फरीदाबाद के जिला खेल कॉम्प्लेक्स में तीरंदाजी केंद्र खोले जाएंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कर्ण स्टेडियम से ही केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश के लिए स्वीकृत 15 खेलो इंडिया केंद्रों में से तैयार हो चुके 10 खेलो इंडिया केंद्रों का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक पांच अन्य केंद्रों का भी उद्घाटन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने युवाओं और प्रदेश के खिलाड़ियों को सौगात देते हुए दो और घोषणाएं की। इनमें ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में होने वाले छोटे खेलों में हर तरह के उपकरण उपलब्ध कराने की घोषणा शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ खेल ऐसे हैं जो हमारे राष्ट्रीय खेलों की सूची में नहीं आते हैं, लेकिन मान्यता एसोसिएशनों ने बना रखी है। ऐसे नए-नए खेल जब तक किसी शृंखला का हिस्सा नहीं बन जाते, तब तक इसके पदक विजेताओं को भी सामान्य खेलों की तर्ज पर पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें 10 हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक के पुरस्कार शामिल हैं। सामान्य खेलों को बढ़ावा देने के लिए यह नई व्यवस्था करने जा रहे हैं। कार्यक्रम में बिजली मंत्री रणजीत सिंह भी उपस्थित रहे। ब्यूरो
इन 10 जिलों को केंद्र किए समर्पित
कार्यक्रम में उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक खेलो इंडिया केंद्र में संसाधनों को बढ़ाने के लिए पांच लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी, जिन 10 केंद्रों का उद्घाटन किया। इनमें पंचकूला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, कैथल, भिवानी, चरखीदादरी, रोहतक, झज्जर, फरीदाबाद और पलवल शामिल हैं। इसी साल के अंत तक हिसार, सिरसा, नूंह, सोनीपत और करनाल में केंद्र शुरू होंगे। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री से यह मांग भी रखी कि इन केंद्रों से प्रदेश के सात जिले वंचित रह गए हैं। यदि इन जिलों में केंद्र सरकार ऐसे केंद्र खोल दे तो प्रदेश के हर जिले से बच्चे एवं युवा खेलो इंडिया में हिस्सा लेने के लिए तैयार हो सकेंगे।