फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: बनींं तो ड्रोन दीदी थीं.. पर चला रहीं सिलाई सेंटर

Tue, 09 Jun 2026 02:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
विज्ञापन
ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण लेती युवतियां
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई ड्रोन दीदी योजना में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी महिलाओं को अब ड्रोन मिलने का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में ड्रोन दीदी बनीं महिलाएं अब दूसरे कार्यों में आत्मनिर्भर बन रही हैं। किसी ने सिलाई सेंटर खोल लिया है तो कोई अचार बनाने का काम कर रही है।

खास बात यह है कि प्रशिक्षण के बाद परीक्षा भी पास कर ली है और प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया लेकिन उन्हें ड्रोन उपलब्ध नहीं होने से वे अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पाईं। अब तक जिले 72 महिलाओं का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। जिन्हें ड्रोन की 15 दिनों का पूर्ण रूप से प्रशिक्षण दिया गया है। महिलाओं का कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बताया गया था कि ड्रोन मिलने के बाद वे खेती में कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव कर अच्छी आय अर्जित कर सकेंगी।
विज्ञापन






ड्रोन मिला नहीं तो सिलाई का काम किया शुरू

फरवरी माह में ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण लिया। अब समूह से जुड़ कर सिलाई कर आय अर्जित कर रही हूं। प्रशिक्षण प्राप्त कर ड्रोन मिलने का इंतजार है। उम्मीद है कि ड्रोन मिलने के बाद अच्छी आय होगी और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में योगदान दे सकूंगी। अब वह सीखी हुई तकनीक को जमीन पर उतारना चाहती हूं लेकिन इसके लिए ड्रोन मिलना जरूरी है। - राखी, हसनपुर



सीएससी संचालक बन संभाल रही हूं घर

वर्तमान में अपने स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष के रूप में काम कर रही हूं। मार्च में ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण लिया था। ड्रोन न मिलने पर घर संभालने के लिए अपना कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालित कर रही हूं जिसमें गांव के लोगों को विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं भी उपलब्ध हो जाती है। प्रशिक्षण के समय पूरे समूह ने सोचा था कि जल्द ही ड्रोन उपलब्ध हो जाएंगे लेकिन अभी तक नहीं मिले। - निशा, हरजेड़ी



पूरी तरह ड्रोन पर निर्भर, मिलने पर हो सकूंगी आत्मनिर्भर

मैंने समूह से जुड़ते ही ड्रोन दीदी बनने का फॉर्म भरा था। प्रशिक्षण लिए एक माह से अधिक समय हो चुका है। अब बस ड्रोन मिलने का इंतजार है। अभी मैं गृहिणी हूं, लेकिन ड्रोन मिलने के बाद अपना रोजगार शुरू करना चाहती हूं ताकि परिवार की आय में योगदान दे सकूं। एक माह पहले उन्होंने प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान ड्रोन संचालन से लेकर खेतों में स्प्रे करने तक की सभी प्रक्रियाएं सीखीं। - राजकुमारी, हरजेड़ी
विज्ञापन




वर्जन

प्रदेश की महिलाओं को ड्रोन दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। करनाल, पानीपत और कुरुक्षेत्र की 118 महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। ड्रोन वितरण की कोई निश्चित तिथि अभी तय नहीं की गई है लेकिन उम्मीद है कि इस वर्ष के अंत तक महिलाओं को ड्रोन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। - संजना कल्याण, जिला परियोजना प्रबंधक, हरियाणा कौशल विकास मिशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें