माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम में चल रहे तीन दिवसीय जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव का रविवार को समापन हो गया। गीता महोत्सव के अंतिम दिन हरियाणवी संस्कृति की छटा बिखरी और श्लोकों का उच्चारण हुआ। कुरुक्षेत्र से मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्कूली बच्चों और आगंतुकों को वर्चुअली बड़ी स्क्रीन के माध्यम से संबोधित किया।
महोत्सव की शुरुआत मेयर रेनू बाला गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा व मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला ने बतौर मुख्य अतिथि दीप प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद विभिन्न विभागों द्वारा यहां लगाई गई प्रदर्शनी को देखा।
महापौर रेनू बाला गुप्ता ने कहा कि गीता जीवन जीने की कला और जीवन का मार्गदर्शन है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर करीब 5100 वर्ष पूर्व दिया गया गीता का दिव्य संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उस समय था। हमारी संस्कृति गीता पर आधारित है और हिंदू शास्त्रों में गीता को सबसे अधिक पूज्यनीय माना जाता है। उन्होंने शोभा यात्रा के माध्यम से शहरवासियों को गीता जयंती की बधाई दी। भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा ने कहा कि गीता न केवल जीवन की शैली है, बल्कि एक आध्यात्मिक चिंतन है, जोकि जीवन को दैदीप्यमान करती है। मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि संजय बठला ने कहा कि गीता की जन्म स्थली कुरुक्षेत्र को आज विश्व स्तर पर अलग पहचान मिली है, जिससे विश्व के अनेक देशों ने भारत के इस पवित्र ग्रंथ की महत्ता को स्वीकार किया है।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा, डीआईपीआरओ देवेंद्र शर्मा ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को जिला प्रशासन की ओर से प्रशंसा पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मौके पर एसडीएम करनाल अनुभव मेहता, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य श्याम बत्रा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बलबीर पुनिया, काछवा स्कूल की प्रिंसिपल उर्वशी विज, श्याम सिंह चौहान आदि कई अधिकारी व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। इसके साथ ही स्कूली बच्चों और कलाकारों ने महाभारत पर आधारित कई मनभावनों कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
जिला स्तरीय गीता महोत्सव के अंतिम दिन सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग के लोक कलाकारों तथा स्कूली बच्चों ने प्रस्तुतियां दी और दर्शकों को भक्तिरस से सराबोर किया। लोक कलाकार प्रदीप सैनी और उनके साथियों के अलावा माउंट लिट्रा जी स्कूल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल घरौंडा की छात्राओं ने भी अपने अलग अंदाज में हरियाणा की संस्कृति और महाभारतकाल पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। संचालन अध्यापिका ईशा ने
मुख्यमंत्री ने बच्चों को दिया स्वच्छता का मंत्र
वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये प्रदेश के हजारों बच्चों को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गीता के श्लोकों और प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति में हवन को वातावरण की शुद्धता से जोड़ा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों से 18 हजार लोगों द्वारा एक साथ गीता श्लोकों के उच्चारण का रिक़ॉर्ड बन चुका है लेकिन वह चाहते हैं कि पूरी दुनिया में एक साथ एक समय पर गीता श्लोकों का उच्चारण हो, जिसका सीधा असर वातावरण पर होगा। उन्होंने कहा कि पहले गुरुकुल में हवन के बीच गीता श्लोकों के साथ पढ़ाई की शुरुआत होती थी, जिससे वातावरण शुद्ध होता था। हमें वातावरण की स्वच्छता पर खास ध्यान देना होगा।