माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर की कई कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। यहां नालों के बीच से होकर गुजर रही पेयजल पाइपलाइन से घरों तक पानी की सप्लाई की जा रही है। सीवर और नालों का गंदा पानी पाइपलाइन में मिक्स होने के चलते पीने का पानी दूषित हो रहा है। जिसे पीकर लोग बीमार हो रहे हैं। इसके मुख्य जिम्मेदार नगर निगम और जनस्वास्थ्य विभाग हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग पेयजल सप्लाई पर लगातार नजर बनाए रहता है।
हालात इतने खराब हैं कि जिले में अब तक 19 जगहों से लिए गए पानी के सैंपल फेल हो चुके हैं, जिनमें बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। इनमें से कुछ जगह कोलीफार्म बैक्टीरिया तक मिला है। मंगल कॉलोनी के साथ-साथ आनंद विहार, सुखबीर कॉलोनी, शिव कॉलोनी और प्रेम नगर में भी पेयजल व्यवस्था की स्थिति बेहद खस्ता बनी हुई है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से बदबूदार और मटमैला पानी सप्लाई हो रहा है, जिसकी शिकायतें कई बार संबंधित विभागों को दी जा चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी यह साफ संकेत देती है कि पानी में मलजनित गंदगी मिल रही है। इसी दूषित पानी के सेवन से लोग बीमार पड़ जाते हैं।
आसपास बिछी लाइनें, मिक्स हो रहा पानी
शहरवासियों का आरोप है कि कई जगहों पर सीवर लाइन और पेयजल लाइनें एक-दूसरे के बेहद करीब हैं। पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों में लीकेज होने से सीवर का गंदा पानी सीधे पीने के पानी में मिल रहा है। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब नालों का पानी ओवरफ्लो होकर पाइपलाइनों को पूरी तरह घेर लेता है। लोगों ने मांग की है कि प्रभावित कॉलोनियों में तत्काल नई पाइपलाइन बिछाई जाए, नियमित रूप से पानी की जांच कराई जाए और जब तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती, तब तक टैंकरों से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
लोगों से बातचीत-
- कॉलोनी में पीने का पानी बहुत कम आता है। गर्मियों में तो पानी की ज्यादा किल्लत आती है। जो पानी आता है वह पीने योग्य नहीं होता। पानी में कड़वाहट रहती है। - शिवा, शिव कॉलोनी।
- कॉलोनी में पीने का गंदा पानी आता है। इसमें कई बार भयंकर बदबू भी आती है। इसलिए यहां के लोगों ने पीने के पानी की व्यवस्था के लिए पानी के कैंपल लगवाए हुए हैं।- मोंटी, सुखबीर कॉलोनी।
- कॉलोनी में पिछले कई दिनों से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। यहां सीवर का गंदा पानी सप्लाई में आता है। गंदा पानी पीने की वजह से कई बार यहां बच्चे बीमार हो चुके हैं। - कर्ण, मंगल कॉलोनी।
- पानी में कई बार काई तक आ जाती है। पानी कड़वा रहता है। यहां मोटर लगाकर पानी खींचना पड़ता है। कई बार शिकायत भी लेकिन समाधान नहीं हो पाया। - अनीता, अशोक नगर।
- कॉलोनी में पीने के पानी की किल्लत है। कई बार पानी में मिट्टी और रेत मिलकर आते हैं। जो पीने योग्य नहीं है। इसलिए ज्यादातर लोगों ने घरों में आरओ लगवाए हैं। - कमलेश, प्रेम नगर।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार जिले में पीने के पानी के सैंपल लिए जाते हैं। अगर कहीं पानी में कोई परेशानी या बैक्टीरिया मिलता है तो संबंधित विभाग को सचेत कर दिया जाता है। इसमें चाहे नगर निगम हो या जनस्वास्थ्य विभाग हो। पानी में क्लोरिन आदि की मात्रा भी चेक की जाती है। जब तक पानी सही नहीं होता तब तक स्वास्थ्य विभाग की उस पर नजर रहती है। प्रयास रहता है कि जिले के लोगों को स्वच्छ पानी मिले। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरा दायित्व निभाया जा रहा है।
- पूनम चौधरी, सीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।