करनाल। जिले में डेंगू के बुधवार को सात केस सामने आए है। इससे डेंगू का आंकड़ा 513 तक पहुंच गया है। ये जानकारी सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर ने दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए प्रतिदिन घर-घर जाकर टंकी, कूलर, गमले, कंटेनर आदि चेक कर रही है। इसके लिए करनाल शहर में 16 टीमें व गांवों में 150 टीमें गठित की गई हैं, जो घर-घर जाकर लोगों को वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम व बचाव के बारे में जानकारी देती हैं
इसके अलावा ये टीमें डेंगू से बचाव के लिए एंटी लारवा व सोर्स रिडक्शन गतिविधियां करती हैं। बुखार के मरीजों की रक्त पट्टिका भी बनाई जाती है। जिन घरों में मच्छर का लारवा पाया जाता है, उन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीम नोटिस भी देती है। जिस क्षेत्र में डेंगू के पॉजिटिव केस पाए जाते हैं, वहां पर नगर निगम की टीम के सहयोग से फॉगिंग की जा रही है। सिविल सर्जन ने जनता से अपील की कि वेक्टर जनित रोगों से बचाव के लिए घरों में हर रविवार को और कार्यालय परिसर में शुक्रवार को ड्राइंग डे (सुखाने का दिन) मनाएं। इस दौरान सभी पानी के कंटेनर, कूलर, ओवरहेड और ग्राउंड टैंक, रेफ्रिजरेटर की पिछली ट्रे, फूलों के गमले, पक्षियों के स्नान आदि के बर्तन खाली कर दें व उन्हें उल्टा करके रखें ताकि उनमें पानी जमा न हो पाए व खाली पड़े टायरों में सुराख कर दें। ओवरहेड पानी की टंकी और अन्य घरेलू पानी के कंटेनर को ढकें, कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी के नीचे सोए, पूरी बाजू के कपड़े पहनें और बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह लें।