माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। तमाम जागरूकता और उपायों के बावजूद पराली जलाने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। बुधवार को सात स्थानों पर पराली जलाई गई है। कल तक पांच मामले सामने आए थे, इन सभी किसानों पर 2500 से 5000 रुपये तक का जुर्माना लगा दिया गया है। साथ ही संबंधित ग्राम सचिव, पटवारी और नंबरदार को नोटिस जारी किया है।
उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए जिलास्तर, उपमंडल स्तर, खंड तथा ग्राम स्तर पर निगरानी कमेटियां गठित की गई हैं। इस पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने करनाल में पराली खरीदने के लिए तीन यार्ड बनाए हैं, पंचायत विभाग ने आईओसीएल को गांव बंबरेहड़ी, गगसीना और सिरसी में करीब 58 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई है। आईओसीएल 180 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से पराली की खरीद करेगा और निर्धारित समय में किसान को भुगतान करेगा।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि बुधवार को नीलोखेड़ी ब्लॉक के बैरसाल, घरौंडा ब्लॉक में दो मामले गढ़ी खजूर, दो मामले शेखपुरा, एक कालरों, एक मामला असंध ब्लॉक के मुनक में सेटेलाइट से पराली जलने की कुल सात लोकेशन मिली हैं। जांचोपरांत संबंधित किसानों पर जुर्माना किया जाएगा। साथ ही संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी नोटिस जारी करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।