जुंडला। गांव पाढा के राजेश के परिवार ने करीब तीन साल पहले जिस सपने के साथ इकलौते बेटे रोहित को अमेरिका भेजा था, अब वह सपना परिवार के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा बन गया है। बेटे को अमेरिका भेजने के लिए परिवार ने करीब 40 लाख रुपये खर्च किए थे। 28 सितंबर को रोहित का जन्मदिन आने वाला था। माता-पिता बेटे को जन्मदिन की बधाई देने की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले ही 8 सितंबर को अमेरिका से उसके आत्महत्या करने की खबर आ गई। परिवार को इसकी जानकारी 9 सितंबर की सुबह करीब 9:30 बजे फोन पर मिली।
रोहित के पिता राजेश हैं। रोहित इकलौता बेटा था। परिवार के अनुसार, रोहित करीब तीन साल पहले अमेरिका जाने की जिद पर अड़ गया था। उसके दादा गुड़िया राम ने काफी समझाया। दादा का कहना था कि गांव में परिवार के पास खेती-बाड़ी और अच्छा कारोबार है, इसलिए उसे यहीं रहकर परिवार का काम संभालना चाहिए। लेकिन रोहित नहीं माना।
परिवार ने उसकी इच्छा के आगे मजबूरी में हामी भर दी। इसके बाद करीब 40 लाख रुपये खर्च कर रोहित को डंकी रूट से अमेरिका भेजा गया। परिवार को उम्मीद थी कि बेटा वहां मेहनत कर अपना भविष्य बनाएगा और एक दिन घर लौटकर परिवार का सहारा बनेगा। अमेरिका पहुंचने के बाद रोहित डोरडैश डिलीवरी का काम करता था।
ताऊ बोले- बच्चे को ब्लैकमेल किया गया
रोहित के ताऊ सत्यवान ने आरोप लगाया कि हमारे बच्चे को ब्लैकमेल किया गया है। उन्होंने कहा कि जिस युवती की हत्या हुई, उसने रोहित को अपने मकान की दूसरी चाबी दे रखी थी। सत्यवान का यह भी दावा है कि रोहित के पास मिली गन युवती ने करीब छह महीने पहले उसे गिफ्ट की थी। उन्होंने बताया कि युवती अपनी मां से अलग रह रही थी।