असंध। अदालत के आदेश की अवमानना के दोषी असंध बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी को तीन माह की सजा सुनाई गई है। मामले की पैरवी असंध के अधिवक्ता सोहन लाल सिंघल कर रहे थे। सिंघल ने बताया कि गांव चोचड़ा निवासी सविता ने 13 दिसंबर 2012 को गांव में आटा चक्की के लिए असंध बिजली निगम के सब डिवीजन-2 से बिजली का कनेक्शन लिया था। उपभोक्ता के पास 16 फरवरी 2018 को निगम की ओर से नोटिस जारी किया गया कि दो दिन के अंदर मलकियत के दस्तावेज कार्यालय में जमा करवाएं। उपभोक्ता को नोटिस 17 फरवरी की शाम को मिला। 18 फरवरी को बिजली निगम का कार्यालय बंद था। 19 फरवरी को उपभोक्ता दस्तावेज लेकर कार्यालय में पहुंचा तो बिजली निगम के अधिकारियों ने कनेेक्शन काट दिया। उपभोक्ता सविता ने 23 फरवरी को असंध में अदालत की शरण ली। न्यायालय ने आठ मार्च 2018 को बिजली निगम को तुरंत प्रभाव से कनेक्शन दोबारा लगाने के आदेश दिए। उसके बाद भी तत्कालीन उपमंडल अधिकारी दलबीर सिंह ने कनेक्शन नहीं लगाया। 14 मार्च 2018 को उपभोक्ता ने शिकायत दी कि कोर्ट के आदेश के बाद भी उसका कनेक्शन नहीं लगाया गया। 14 मार्च 2018 को नोटिस की प्रति बिजली निगम के पास पहुंची तो फिर शाम साढ़े पांच बजे चक्की का कनेक्शन लगाया गया, जो कि कोर्ट के आदेश के करीब 172 घंटे बाद किया गया। 15 मार्च 2018 को उपभोक्ता ने बिजली निगम के तत्कालीन एसडीओ दलबीर सिंह और कार्यकारी अभियंता गगन पांडेय के खिलाफ न्यायालय की अवमानना की अर्जी दी। यह मामला तीन साल नौ महीने आठ दिन तक चला। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायाधीश अपर्णा भारद्वाज की अदालत ने 23 दिसंबर 2021 को असंध बिजली निगम के तत्कालीन एसडीओ दलबीर सिंह को अदालत के आदेशों की अवहेलना का दोषी पाया। कोर्ट ने एसडीओ को तीन माह की सजा का आदेश दिया।