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Karnal News: कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण जान सकेंगे वैज्ञानिक

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- केंद्रीय शोध प्रयोगशाला में पहुंची चार अत्याधुनिक मशीनें, शोध को मिलेगी रफ्तार
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अनुज शर्मा
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज की केंद्रीय शोध प्रयोगशाला, एमआरयू (मल्टी-डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट) को चार नई मशीनें मिली हैं। जिनकी मदद से मरीजों के शरीर में पनप रहे कैंसर सहित विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमारियों के सटीक कारणों का पता लगाया जा सकेगा। इनमें सबसे पहले एलाइजा रीडर, बायोसेफ्टी कैबिनेट, माइक्रोस्कोप व सैंपल प्रिजर्व सिस्टम शामिल हैं।
मेडिकल कॉलेज के जनरल सर्जरी विभाग के प्रो. निवेश अग्रवाल की निगरानी में चल रही केंद्रीय शोध प्रयोगशाला एमआरयू में सभी अत्याधुनिक मशीनों को स्थापित किया गया है। एमआरयू से वैज्ञानिक एवं कोऑर्डिनेटर डॉ. सविता ने बताया कि पहली एलाइजा रीडर शरीर में पनप रही किसी भी तरह की एलर्जी, सूजन, मधुमेह व आंत की बीमारी की जांच करने में सहायक है।
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दूसरी बायोसेफ्टी कैबिनेट शरीर के लिए नुकसानदायक बैक्टीरिया, वायरस के सैंपल की जांच सहित अलग-अलग कोशिकाओं को विकसित करना संभव हो सकेगा। तीसरी माइक्रोस्कोप से कैंसर मरीजों के टिशू की जांच हो सकेगी। जिससे पता चल सकेगा कि शरीर के उस टिशू में कैंसर है या नहीं। चौथा सैंपल प्रिजर्व सिस्टम भी मेडिकल कॉलेज को मिला है। जिसकी मदद से अस्पताल में दाखिल मरीजों के सीरम सैंपल को काफी समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। यह सिस्टम माइनस 80 डिग्री सेल्सियस पर सैंपल को सुरक्षित रख सकता है। - संवाद

सैंपल की भी हो सकेगी जांच
एमआरयू से वैज्ञानिक एवं कोऑर्डिनेटर डॉ. सविता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के केंद्रीय शोध प्रयोगशाला में जल्द पूर्ण स्वचालित बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन आने वाली है। जिससे मेडिकल कॉलेज के परिसर में ही शरीर के हार्मोन में बदलावों, लीवर, किडनी व फैट सहित दवाओं के सैंपल की भी जांच संभव हो सकेंगी। जिससे पता चल सकेगा कि दवा का बीमारी पर कितना असर हुआ है या नहीं।
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मेडिकल कॉलेज की केंद्रीय शोध प्रयोगशाला में चार मशीनें पहुंची हैं। इनमें से तीन मशीनें वैज्ञानिकों को विभिन्न विषयों पर शोध करने में मदद करेगी। वहीं एक सैंपल प्रिजर्व सिस्टम मरीजों के लंबे समय तक सीरम सैंपल को सुरक्षित करने का काम करेगा। इससे सीधे तौर पर डॉक्टरों को मरीजों का बेहतर इलाज करने में मदद मिलेगी।

डॉ. एमके गर्ग, निदेशक, केसीजीएमसी, करनाल
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