श्री संतचंडी महायज्ञ में दी गई पूर्णाहूति
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बाबा मस्त गिरी अखाड़े में महंत श्री प्रह्लाद गिरी महाराज तपती गर्मी के बीच आग की लपटों के बीच पिछले 41 दिनों से पांच धुणी अग्नी तपस्या कर रहे थे। रविवार सुबह महंत प्रह्लाद गिरी ने अग्नी तपस्या और श्री संतचंडी महायज्ञ में पूर्णाहूति डालकर विश्राम दिया गया। रविवार सुबह जब महंत प्रह्लाद गिरी महाराज पंच धुणी में बैठे तो श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा और फूलों और नोटो के हार डालकर उनका स्वागत किया।
श्रीसतचंडी महायज्ञ में आहुतियों के बाद आरती और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में दूर दराज से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर महंत प्रह्लाद गिरी महाराज ने कहा कि ये अग्नी परीक्षा विश्व कल्याण के लिए, गर्भ में मारी जाने वाली बेटियों को बचाने के लिए, दिन प्रतिदिन बढ़ रही महागर्मी के लिए की गई।
गंगा दशहरे के अवसर पर पानी की छबील
बाबा मस्त गिरी अखाड़े में भंडारे के साथ साथ गंगा दशहरे के अवसर पर महंत पह्लाद गिरी महाराज ने पांच ड्रम मीठे और ठंडे जल के बनवाए और श्रद्धालुओं को पिलाते रहे।