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Karnal News: वैज्ञानिकों ने किसानों को सिखाई गन्ना पौध तैयार करने की तकनीक

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- किसानों को कुल गन्ने के रकबे का 10 प्रतिशत खेत स्वस्थ बीज के लिए रखने की सलाह
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गन्ना प्रजनन केंद्र, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र करनाल में लाल बहादुर शास्त्री गन्ना संस्थान लखनऊ के माध्यम से पहुंचे प्रगतिशील किसानों को पौध से गन्ने की बेहतर पैदावार का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही किसानों को ये भी बताया कि वह कैसे पौध तैयार करके गुणवत्तायुक्त बीज अपने ही खेत में तैयार कर सकते हैं।
लाल बहादुर शास्त्री गन्ना संस्थान लखनऊ के सहायक निदेशक एवं यात्रा प्रबंधक डॉ. ओम प्रकाश गुप्ता की अगुवाई में यहां संस्थान के निदेशक डॉ. विश्वेष कनौजिया के निर्देश में चयनित उत्तर प्रदेश के पीलीभीत, शाहजहांपुर, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, गोंडा, मुरादाबाद, बिजनौर आदि गन्ना उत्पादक जिलों से किसान यहां पहुंचे हैं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि करनाल स्थित क्षेत्रीय केंद्र के वैज्ञानिक विभिन्न तकनीकों के माध्यम से गन्ने की पैदावार के साथ गन्ने में चीनी की बढ़ोतरी पर ध्यानाकर्षण कर रहे हैं।
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क्षेत्रीय केंद्र करनाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रविंद्र कुमार ने किसानों को पौध की पैदावार की लैब में ले जाकर बारीकियां समझाईं। उन्होंने बताया कि किसानों को अपने कुल गन्ने के रकबे का 10 प्रतिशत खेत स्वस्थ बीज के लिए रखना चाहिए। आठ से दस माह के गन्ने की आंखें लेनी चाहिए, जिन्हें 0.05 प्रतिशत प्रति लीटर फफूंदनाशक व कीटनाशक दवा में उपचारित करें, रातभर उपचारित होने के बाद लगाकर पौध बनाएं।
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फरवरी में शुरू करें तो डेढ़ माह बाद मार्च के अंत में पौध तैयार हो जाएगी, उसकी रोपाई करें। जब तैयार हो जाएं तो उसे अगले साल के लिए बीज के रूप में इस्तेमाल करें। ऐसा करने से किसान के खुद के खेत में गुणवत्तायुक्त बीज तैयार हो जाएगा। इस बीज से जो गन्ने की पैदावार होगी, वह काफी अच्छी और अधिक होगी, किसानों का खर्च भी कम आएगी।
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