अंबाला सिटी। जिले में 20 साल से एक्सटेंशन पर चल रहे निजी स्कूलों को अब स्थायी मान्यता की उम्मीद जगी है। इन स्कूलों से शिक्षा निदेशालय ने पोर्टल पर आवेदन मांगे हैं। स्कूलों को आवेदन के करीब एक माह का समय दिया गया है। इन स्कूलों को पोर्टल पर आवेदन करने के साथ-साथ स्कूल से जुड़ा रिकॉर्ड भी अपलोड करना होगा। जिसमें बिजली, पानी का बिल समेत अन्य रिकाॅर्ड मांगा गया है। बीते 30 मई तक शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों से आवेदन मांगे थे, मगर अधिकांश स्कूलों ने आवेदन नहीं किया था। अब दोबारा विभाग ने आवेदन मांगे हैं।
बहुत से स्कूल चल रहे एक्सटेंशन पर
जिले की बात करें तो जिले में 18 से 20 ऐसे प्राथमिक, उच्च और माध्यमिक निजी विद्यालय हैं, जोकि एक्सटेंशन पर चल रहे हैं। पहले ऐसे स्कूलों का आंकड़ा 100 से ज्यादा था, मगर करीब 60 निजी स्कूलों को मान्यता मिल गई और बाकी के कुछ स्कूलों ने मान्यता नहीं ली और अब ऐसे 18 से 20 स्कूल बचे हैं।
विभाग ने यह निर्देश किए जारी
शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह सभी निजी स्कूल जो हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम, 2003 के प्रारंभ होने से पहले चल रहे हैं और जिनकी अस्थायी मान्यता वर्ष-दर-वर्ष आधार पर बढ़ाई गई है। उनको 30 मई तक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्थायी मान्यता लेने के लिए आवेदन करना था, लेकिन उनमें से अधिकांश स्कूलों ने स्थायी मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया है। ऐसे सभी प्रकार के विद्यालयों को स्थाई मान्यता के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के निर्देश जारी करें।
आवेदन करने के साथ यह दस्तावेज भी जरूरी
ऐसे स्कूलों को आवेदन करने के लिए बिजली बिल, पानी बिल, टेलीफोन बिल, स्कूल स्थापना रिकॉर्ड, दाखिला फार्म एवं विड्राल रजिस्टर, एनरोलमेंट फार्म, स्कूल जमीन का ऑनरशिप और लीस रिकॉर्ड, आंतरिक परीक्षा साक्ष्य, इनकम टैक्स कागजात, स्कूल के नाम से 31 मार्च 2007 से पहले का बैंक खाता होना जरूरी है।
वर्जन
जो निजी स्कूल हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम, 2003 के प्रारंभ होने से पहले चल रहे हैं और जिनकी अस्थाई मान्यता वर्ष-दर-वर्ष आधार पर बढ़ाई गई है। ऐसे सभी स्कूलों को स्थाई मान्यता के लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। पहले भी ऐसे स्कूलों को आवेदन करने के लिए निर्देश दिए गए थे और अब दोबारा ऐसे स्कूलों से आवेदन मांगे हैं।
सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, अंबाला।