मारकंडा : खेतों को डुबोया, राजामार्ग भी प्रभावित
मारकंडा नदी में रविवार को तेज बारिश और पहाड़ों से छोड़े पानी से उफान आ गया। नदी अपनी सीमाओं को तोड़ती आसपास के खेतों में जा घुसी। इसके बाद तो नदी का बहाव इतना तेज था कि गांवों के रास्ते भी जलमग्न हो गए और राष्ट्रीय राजमार्ग से उनका संपर्क टूट गया। पुलिस को मारकंडा के आसपास के गांवों में स्थिति को संभालना पड़ा। इसी प्रकार हरिद्वार को जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-344 पर अंबाला की तरफ से चढ़ने से पहले पानी आ गया। इससे पुलिस ने एक तरफ की सर्विस लेन को बंद कर दिया। लोगों को दूसरी ओर से गुजरना पड़ा। लोग अपने वाहनों के साथ कुछ दूर ही बढ़े तो देखा कि गांव हमीदपुर के पास मारकंडा नदी का पानी खेतों से ऊपर उठकर सीधा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बहता दूसरी तरफ छलांग लगाने लगा। इसमें कई बाइक सवार भी गिरे। हालांकि तेज बारिश में पुलिस मोर्चा संभाल रही थी।
घग्गर : शहर में घुसा पानी, चंडीगढ़-नारनौल मार्ग बंद
हिमाचल से पंजाब के रास्ते अंबाला में बहने वाली घग्गर नदी का भी ऐसा हाल था। यहां पर नदी दोपहर तक ओवरफ्लो हो गई और इसका पानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया। शाम तक इस पानी ने चंडीगढ़ से नारनौल को जाने वाले डी-152 राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया। इसके बाद यहां से आने जाने वाले लोगों को रोक दिया गया। इसके साथ ही अंबाला सिटी में भी घग्गर का पानी घुस गया। स्थानीय लोगों की मानें तो घग्गर में कई वर्षों बाद उन्होंने इतना पानी देखा है।
टांगरी : उफनी, सेकड़ों घरों में घुसा पानी
महेश नगर से गुजरने वाली टांगरी नदी उफान पर आने से सैकड़ों घरों में जलभराव हो गया। यह परिवार टांगरी की जद में ही बसे हैं। रविवार सुबह के समय अचानक आठ हजार क्यूसेक पानी के बाद सिंचाई और नगर परिषद ने अलर्ट जारी कर दिया था। यहां तक कि मुनादी करवाकर लोगों को सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए बोला जा रहा था। हालांकि परिषद ने भी छावनी की जैन व अग्रवाल धर्मशाला में लोगों के ठहरने की व्यवस्था की थी। देखते ही देखते शाम तक नंदी में 24 हजार क्यूसेक पानी आ गया।गृहमंत्री अनिल विज ने बढ़ते जलस्तर के लिए टांगरी का जायजा लिया।