संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। राजकीय स्कूलों में पढ़ने वालीं किशोरियों के लिए चलाई जा रही सेनेटरी पैड वितरण योजना की स्थिति भी खराब है। डेढ़ से दो साल से स्कूलों में सेनेटरी पैड की पूर्ण आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस साल का जनवरी से मार्च का ऑर्डर भी लटका है।
योजना के तहत प्रत्येक किशोरी को हर माह 10 सेनेटरी पैड का एक पैक उपलब्ध कराना होता है। आपूर्ति तीन महीने में एक बार होती है। जनवरी, फरवरी और मार्च माह की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए दिसंबर में नया ऑर्डर दिया गया था। जनवरी के पहले सप्ताह तक सैनेटरी पैड के स्टॉक को स्कूलों तक पहुंच जाना चाहिए था। अब तक स्टॉक नहीं पहुंका है।
डीएमएस व जिला नोडल अधिकारी सुमित ने बताया कि बहादुरगढ़ की नूवो मेडसर्ग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को कुल 65,442 सैनेटरी पैड का ऑर्डर दिया गया था। इसमें 2 प्रतिशत अतिरिक्त बफर स्टॉक भी शामिल था। जनवरी के पहले सप्ताह तक ऑर्डर पहुंचना था। अब तक नहीं आया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में जब यह योजना पूरी तरह क्रियाशील थी, तब ब्लॉक स्तर तक सभी राजकीय स्कूलों में आवश्यकता के अनुसार सैनेटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे थे। लेकिन समय के साथ व्यवस्था कमजोर होती चली गई। स्कूलों में सप्लाई प्रभावित है। जिले में कुल 173 माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं।
राज्य नोडल अधिकारी सविता शर्मा ने बताया कि 10 से 15 दिन में प्रत्येक जिले के स्कूलों में सैनेटरी पैड की आपूर्ति मिल जाएगी। कंपनी की तरफ से देरी पर जुर्माना लगाया जा चुका है।
जिले में सैनेटरी पैड का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में है। छात्राओं को इन्हें मुहैया कराया जा रहा है। यदि किसी विद्यालय में कमी आती है तो दूसरे विद्यालय से पूर्ति कर ली जाती है। -डॉ. रोहतास वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी