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एक माह बाद खुले स्कूल, पहले दिन रही 28 प्रतिशत उपस्थिति

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कोरोना के कारण एक माह से बंद स्कूल मंगलवार को खुले। कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए खुले स्कूलों में पहले दिन 28 प्रतिशत उपस्थिति ही रही। पहले दिन कई विद्यार्थी टीकाकरण कराने के बाद भी स्कूलों में प्रमाणपत्र लेकर नहीं पहुंचे। ऐसे विद्यार्थियों के अलावा उन विद्यार्थियों को भी वापस भेजा गया जिन्होंने अभी तक टीकाकरण नहीं कराया था।
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तापमान और प्रमाणपत्र की जांच के बाद ही विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश दिया गया। सामाजिक दूरी की पालना हो सके, इसके लिए कक्षाओं में भी एक बैंच पर केवल एक विद्यार्थी को ही बैठाया गया। इधर, काफी समय से सूने पड़े आईटीआई और कॉलेजों में भी रौनक लौट आई है। यहां भी 40 प्रतिशत के करीब उपस्थिति रही। खाली पीरियड में कई विद्यार्थी मैदान में धूप सेंकते नजर आए। विद्यार्थियों ने अपने सहपाठियों के साथ बातचीत भी की और खुश भी दिखाई दिए।
चार हजार किशोरों को नहीं लगी डोज
जिले में अभी भी करीब छह प्रतिशत किशोरों को पहली डोज नहीं लगी है। कुल 64700 किशोरों को डोज लगाई जानी है। मंगलवार तक 60 हजार विद्यार्थियों का टीकाकरण हो चुका है। ऐसे में अभी भी चार हजार विद्यार्थी डोज से वंचित हैं। जबकि 976 किशोरों को दूसरी डोज भी लग चुकी है।
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स्कूलों के लिए यह है एसओपी
- पहली डोज न लगवाने वाले विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश नहीं मिलेगा।
- विद्यार्थी अभिभावकों की अनुमति के बाद ही स्कूल आ सकेंगे।
- ऑनलाइन कक्षाएं भी जारी रहेंगी।
- स्कूल आने के लिए स्कूल प्रबंधन दबाव नहीं बना सकता।
- कक्षाओं में सामाजिक दूरी का रखनी होगी। मास्क व सैनिटाइजर का इस्तेमाल भी अनिवार्य है।
जो विद्यार्थी अब भी टीकाकरण से वंचित हैं, ऐसे विद्यार्थियों को डोज लगवाने के लिए स्कूलों में भी व्यवस्था की जाएगी। सहोदय स्कूल कांप्लेक्स की ओर से अलग-अलग स्कूलों में शिविर लगाए जाएंगे ताकि आसपास के स्कूलों के विद्यार्थी भी टीकाकरण करवा सकें। -डॉ. राजन लांबा, अध्यक्ष, सहोदय स्कूल कांप्लेक्स।
कोरोना सुरक्षा की गाइडलाइन का पालन करते हुए ही स्कूलों को खोला जाना है। पहले दिन 28 प्रतिशत विद्यार्थी उपस्थित हुए। एक-दो दिनों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ जाएगी। ऑनलाइन कक्षाएं भी जारी हैं। -राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी करनाल।
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