बीईओ करनाल ने सुबह राजकीय माध्यमिक विद्यालय सेक्टर-6 में छापा मारा। इस दौरान उन्होंने पाया कि स्कूल की मुख्य अध्यापिका मलहार देवी ने अपनी हाजिरी तो सुबह 7:40 पर लगा रखी थी, लेकिन वह स्कूल में मौके पर नहीं मिली। स्कूल के अन्य अध्यापकों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उन्होंने सुबह से मुख्य अध्यापिका को नहीं देखा।
गुरुवार सुबह ब्लॉक एजुुकेशन ऑफिसर चंद्रेश विज की अध्यक्षता में टीम ने सेक्टर-6 विद्यालय में छापेमारी की। यही नहीं स्कूल में उन्होंने मिड-डे मील में मिलने वाले खाद्य पदार्थों को भी चेक किया। इसमें अपर प्राइमरी स्कूल (6 से 8) तक के बच्चों को मिलने वाली मिड-डे मील की खाद्य सामग्री तो ठीक मिली, लेकिन प्राइमरी 1-5 साल के बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की सामग्री की क्वालिटी ठीक नहीं मिली। बच्चों के भोजन में प्रयुक्त होने वाला गेहूं में सड़ के काला पड़ चुका था। ये गेहूं पशुओं के खाने लायक भी नहीं है, जिसे बीईओ ने रिजेक्ट कर दिया है और उसकी रिपोर्ट बना कर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के पास भेजी दी गई है। जहां से उसे हेड ऑफिस भेजा जाएगा और रिपोर्ट आने पर ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगा।
गेहूं में ज्यादा नमी मिली और न ही सफाई दिखी
जांच के दौरान मिड-डे मील के अनाज में खराबी साथ रसोई में सफाई भी नहीं मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को ऐसा भोजन देकर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसा भोजन खाने से न केवल बच्चों की तबीयत खराब होगी, बल्कि कोई बड़ी घटना घटित होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सुबह 10 बजे विभाग की ओर सेक्टर-6 के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में छापेमारी की गई। इसमें मुख्याध्यापिका मलहार देवी गैरहाजिर मिलीं और प्राइमारी स्कूल के बच्चे को दिये जाने वाले भोजन में गेहूं में नमी की मात्रा ज्यादा मिली। इसकी रिपोर्ट बनाकर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को भेज दी गई है। विभाग की ओर से जो भी निर्देश मिलेंगे उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। -चंद्रेश विज, बीईओ करनाल।