करनाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्राओं से बढ़ती छेड़खानी की घटनाओं के बाद आखिरकार शिक्षा विभाग सख्त रुख अपना रहा है। शिक्षा विभाग अब प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों के मुखियाओं की शारीरिक शोषण, पॉक्सो और पौश एक्ट के बारे में प्रशिक्षण देगा। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में छात्राओं को और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।
इसके लिए सभी सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों का प्रशिक्षण शिविर एक जनवरी से शुरू होगा। जबकि एबीआरसी के लिए ये प्रशिक्षण 29 दिसंबर तक डाइट संस्थानों में आयोजित करवाए जा रहे हैं। करनाल में 104 मास्टर ट्रेनरों को तैयार किया जा रहा है। जोकि पहली जनवरी से स्कूल मुखिया को प्रशिक्षण देंगे। इतना ही नहीं, इन प्रशिक्षण शिविरों में महिला एवं बाल विकास से भी अधिकारी शिरकत करेंगे और विभिन्न मुद्दों पर वो भी स्कूल मुखियाओं को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। विदित हो कि 18 दिसंबर को शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में इस संदर्भ में निर्णय लिया गया था।
स्कूल मुखिया करेंगे जागरूक
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य स्कूल मुखियाओं को छात्राओं से छेड़खानी रोकने के लिए प्रोत्साहित करना है, इसके लिए प्रशिक्षण शिविर में इस तरह के मामलों से मुख्याध्यापक और सरकारी अध्यापकों के खिलाफ होने वाली विभागात्मक और कानूनी कार्रवाई के बारे में भी अवगत कराना है। सभी स्कूल मुखिया प्रशिक्षण के बाद अपने-अपने स्कूल में जाकर पूरे स्टाफ से इस प्रशिक्षण को सांझा करेंगे। ताकि स्कूलों में इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लग सके।
गौरतलब है कि इस साल प्रदेश के कई स्कूलों में अध्यापकों व स्कूल मुखियाओं पर छात्राओं से छेड़छाड़ एवं शोषण करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे विभाग की भी किरकिरी हुई। बीते दिनों जींद में एक स्कूल मुखिया द्वारा छात्राओं से छेड़खानी का मामला तो विधानसभा में भी उठा था। ऐसे में भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हो और अध्यापक व स्कूल मुखिया मामलों से दूर रहें, इसके लिए प्रशिक्षण के माध्यम से जागरूक करना चाहता है।
वर्जन
104 मास्टर ट्रेनर 778 राजकीय विद्यालयों के मुखिया को प्रशिक्षण देंगे। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षा मिलना उसका मौलिक अधिकार है। बुधवार को प्रशिक्षण में डाइट प्राचार्य विद्योत्मा देवी ने भी निरीक्षण किया।
- बृजेश वत्स, मुख्य प्रशिक्षक एवं नोडल अधिकारी