गांव खानपुर में एक व्यक्ति के निधन पर गांव के मंदिर में शोक सभा और रस्म क्रिया करने को लेकर दो पक्षों में तनातनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस और पंचायत तक बात पहुंच गई। मंदिर में शोक सभा करने को लेकर विरोध जताने पर रविवार को पूरा मंदिर परिसर पुलिस पहरे में रहे। पुलिस की मौजूदगी में शोक सभा हुई। हालांकि, दूसरे पक्ष ने इससे दूरी बनाए रखी। इस दौरान एसडीएम अश्वनी मलिक और थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार, कई दिन पहले खानपुर निवासी चंद्रपाल का निधन हो गया था। उसके परिजनों ने रविवार के दिन शिव मंदिर में मृतक की दसवीं की रस्में करने का दिन निर्धारित कर दिया, लेकिन इस पर गांव के कुछ लोगों ने एतराज जताया तो मामला तूल पकड़ गया। विरोध करने वाले पक्ष का तर्क था कि मंदिर केवल पूजा अर्चना के लिए हैं, न की रस्म क्रिया के लिए। इस पर गांव में तनाव का माहौल बन गया। मामला प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के पास पहुंचा। शनिवार की शाम को ही गांव में पुलिस प्रशासन पहुंच गया था। दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाया गया। देर रात घंटों बातचीत चली। तनाव को देखते हुए रविवार सुबह एसडीएम अश्वनी मलिक, थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंच गए और पुलिस बल शिव मंदिर के समीप तैनात हो गया। अधिकारियों के पहरे में मृतक की दसवीं की रस्में शिव मंदिर में हुई। इन रस्मों के कार्यक्रम के दौरान मंदिर में सिर्फ मृतक के परिजन ही मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन को देख बाकी ग्रामीणों ने मंदिर से दूरी बनाए रखी। इस बारे में सरपंच के पति जसबीर ने कहा कि शनिवार देर रात तक पुलिस की मौजूदगी में पंचायत हुई, लेकिन उसमें कुछ लोगों ने मृतक चंद्रपाल की दसवीं की रस्में शिव मंदिर में करने पर एतराज जता दिया था। फिलहाल गांव में कोई विवाद नहीं है।