अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से अपनी मांगों को लेकर बल्ला गांव में चल रहे धरने के 29 वें दिन हजारों प्रदर्शनकारियों ने काला दिवस मनाया। धरने पर जुटी भारी भीड़ के चलते आयोजन स्थल का आकार छोटा पड़ने से पानीपत-असंध रोड पर जाम रहा। इसके चलते पुलिस वाहनों को रोककर उनका रूट बदलने पर मजबूर हुई।
सतलोक आश्रम के अनुयायी धरने को समर्थन देने बल्ला पहुंचे। एक मार्च से जिले में बल्ला के अलावा इंद्री में दूसरा धरना शुरू करेंगे। 27 फरवरी को आंदोलनकारियों की ओर से सभी राजनीतिक दलों, पंचायती राज संस्थाओं एवं शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को पत्र भेजकर उनका समर्थन मांगेंगे। रविवार को चंद्रभान नरवाल की अध्यक्षता में पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत रविवार को काला-दिवस मनाने की घोषणा की गई।
सुबह से ही धरनास्थल पर प्रदर्शनकारी घटना स्थल पर जुटने शुरू हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने अपनी पगड़ी पर काला कपड़ा बांधा जबकि महिलाओं ने काले रंग की चुनरी ओड़ी। एक अन्य तय कार्यक्रम के मुताबिक धरने को अपना समर्थन देने पहुंचे सतलोक आश्रम के अनुयायी मौजूदा धरनास्थल की बजाय बल्ला की अनाजमंडी में करीब दस बजे ही जुटना शुरू हो गए थे। भीड़ के चलते असंध-पानीपत पर वाहनों का जाम लग गया।
पानीपत की ओर से आने वाले वाहनों को बल्ला के पुराने बस स्टेंड से वाया गोली-सालवन एवं सालवन से पानीपत या करनाल जाने वाले वाहनों को वाया मानपुरा रोड पर मोड़ा गया। सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल के अनुयायियों पानीपत के प्रधान मनसा राम, कुरुक्षेत्र के प्रधान सुखदेव व करनाल के प्रधान रणबीर सिंह ने मंच पर पहुंचकर धरने को समर्थन देने का ऐलान किया। सरकार पर 35 एवं 36 बिरादरी के नाम पर समाज को बाटने का आरोप जड़ा।
संघर्ष समिति के प्रधान नफे सिंह ने कहा कि एक मार्च से धरनास्थल की तादाद बढ़ाई जाएगी। एक मार्च से बल्ला के अलावा इंद्री में धरना शुरू किया जाएगा। सर छोटू राम जागृति मंच के प्रधान सुरेश मान ने कहा कि उनका आंदोलन पहले भी शांतिपूर्वक रहा है एवं आगे भी शांतिपूर्वक रहेगा, लेकिन मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। युवा कांग्रेस के असंध ब्लाक के पूर्व ब्लाक अध्यक्ष कृष्ण मान ने मौजूदा आंदोलन के लिए सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
जाट महासभा, करनाल के अध्यक्ष सुखपाल संधू ने आंदोलन को पूर्ण समर्थन एवं 21 हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की। इस मौके पर संघर्ष समिति के मेंबर बलवान सिंह मान ने कहा कि 27 फरवरी को जिले के सभी जन प्रतिनिधियों जिसमें राजनीतिक पार्टियां शामिल हैं के अलावा ब्लाक समिति, जिला परिषद, शहरी स्थानीय निकायों, विधायक एवं सांसदों को पत्र भेजकर उनकी मांगों का समर्थन करने का अनुरोध किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों की ओर से गांवों के नुमाइंदों को मंच पर अधिक जगह दी गई। रामपाल के पांच अनुयायियों ने भी मंच सांझा किया। इसके अलावा गांव के नुमाइंदे मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों को खाने में हलवा-पूरी एवं आलू-मटर की सब्जी परौसी गई। भजन रामपाल दास के अनुयायियों ने बल्ला अनाजमंड़ी में पहुंचकर सीडी के माध्यम से संचालक रामपाल के प्रवचन सुने एवं इस मौके पर महिलाओं ने भजन भी गाए। उधर, काला दिवस को देखकर दिनभर बल्ला व आसपास में भारी पुलिस बल तैनात रहा।