ऑल इंडिया महिला हॉकी अकादमी चैंपियनशिप में करनाल की खिलाड़ी से बोल लेने का प्रयास करती खालसा अक
करनाल। समीर बॉक्सिंग की अलग-अलग प्रतियोगिताओं में पदक जीत कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश व जिले का नाम चमका रहे है। महज 10 साल की आयु में उन्होंने बॉक्सिंग का प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था। तीन साल के निरंतर अभ्यास के बाद वर्ष 2023 में पहला पदक जीता। समीर ने बताया कि उन्होंने बॉक्सिंग कोच कीमत के पास सीखना शुरू किया था। उन्हें बॉक्सिंग का खेल काफी अच्छा लगता है, क्योंकि इस खेल से हमारा शरीर स्वस्थ बना रहता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। समीर के पिता संजू ने बताया कि वह दुकान चलाते हैं और अपने बेटा का पुरा सहयोग करते हैं। जब उनको पता चला कि बेटा खेलों में भविष्य बनाना चाहता है, तो पूरा साथ दिया। आज समीर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश, जिले के साथ अपने परिवार का नाम भी रोशन कर रहा है। समीर यूक्रेन के मुक्केबाज वासिली अनातोलियेविच लोमाचेंको को अपना आदर्श मानते है। बोले कि उन्हें देखकर ही उन्होंने बॉक्सिंग शुरु की थी। अन्य खिलाड़ियों के समान ही समीर का सपना ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है। संवाद
उपलब्धियां
वर्ष 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक
2025 में प्रदेश स्तर पर स्वर्ण पदक
2025 सीबीएसई राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक
2024 में प्रदेश स्तर पर स्वर्ण पदक
2024 में राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक
2023 भिवानी में कांस्य पदक