निगदू। स्वाध्याय परिवार ने सोमवार को विश्वभर में योगेश्वर दिवस मनाया। इसमें भाव मिलन समारोह का संस्मरण करते हुए श्रीमद्भागवत गीता पाठशाला को शत-प्रणति पर्व पर नमन किया गया। बालकों ने विभिन्न राज्यों व देशों की वेशभूषा धारण कर पाठशाला को वंदन किया। धनश्री तलवलकर ने बताया कि स्वाध्याय परिवार के प्रेरणास्रोत पांडुरंग शास्त्री आठवले ने इसे सुवर्ण जयंती न कहकर भाव मिलन नाम दिया, क्योंकि यहां भगवान के उदार भाव और मानव के कृतज्ञ भाव का मिलन होता है। अंत में सभी ने राष्ट्रगान के साथ आयोजन का समापन किया। संवाद