कर्ण नगरी में आने वाले लोगों को अब शहर में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए रिक्शा या ऑटो का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब वे निगम की सांझी साइकिल से शहर का भ्रमण कर सकेंगे। इससे जहां लोगों के रुपयों की बचत होगी, वहीं रिक्शा और ऑटो का चलन कम होने से शहर को जाम व वायु प्रदूषण से भी मुक्ति मिलेगी। परिवहन मंत्री द्वारा योजना के उद्घाटन करने के बाद निगम द्वारा सांझी साइकिल के लिए रजिस्ट्रेशन का काम भी शुरू कर दिया है। अब तक शहर में 41 लोगों ने सांझी साइकिल के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है।
सांझी साइकिल के लिए सबसे पहला रजिस्ट्रेशन मेयर रेणू बाला गुप्ता ने किया। शुरुआत में शहर के 10 स्थानों पर बिना कुछ खर्च किए नगर निगम ने यह योजना शुरू की। इनमें से छह पर लोगों को साइकिल मिलना शुरू हो चुकी हैं। करनाल में कुल 18 मुख्य स्थानों पर योजना के तहत साइकिल स्टैंड बनाए जाने प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की योजनाओं की आज पूरे देश में जरूरत है। पीपीपी मोड पर सबसे पहले करनाल में यह योजना शुरू हुई।
ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन
लोगों को रजिस्ट्रेशन के लिए फार्म भरना होगा। 100 रुपये में आजीवन रजिस्ट्रेशन फीस जमा करवाने के बाद उन्हें मेट्रो की तर्ज पर कार्ड दिया जाएगा। योजना का लाभ उठाने के लिए 100 रुपये सांझे वालेट में अलग से जमा करवाने होंगे। योजना पूरी तरह से कंप्यूटराइज्ड है। मशीन में कार्ड स्वैप करते ही ग्रीन सिग्नल मिलेगा और साइकिल के साथ ही अलग से एक कार्ड लोगों को सौंप दिया जाएगा।
साइकिल जमा करवाते समय यह वापस देना होगा। एक घंटा होने से पहले ही व्यक्ति के मोबाइल पर अलर्ट मैसेज जाएगा। एक घंटे के बाद उसे सांझे वायलेट में से 5 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से राशि कटेगी। सांझा वालेट में 20 रुपये रहने पर इसमें फिर से राशि जमा करवानी होगी। साइकिल जमा करवाते ही मोबाइल पर इसका मैसेज आ जाएगा। लोगों के सहयोग से पायनिर कंपनी यह सुविधा नागरिकों को मुहैया करवा रही है।