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करनाल में राकेश टिकैत: बोले- किसान आंदोलन में दी गई संत बाबा राम सिंह की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता

Mon, 16 Dec 2024 06:30 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)

सार

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत सोमवार को करनाल पहुंचे। यहां वह संत बाबा राम सिंह की चौथी बरसी पर समागम में शामिल हुए। इस दौरान टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन में दी संत बाबा राम सिंह की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
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संत बाबा राम सिंह की चौथी बरसी पर समागम में पहुंचे राकेश टिकैत। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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करनाल के गांव सिंघड़ा के ठाठ नानकसर आश्रम में संत बाबा राम सिंह की चौथी बरसी पर समागम का आयोजन किया गया। इसमें गुरुद्वारा साहिब में रखे गए श्री अखंड पाठों का भोग डाला गया। इसमें भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, भाकियू के प्रदेश चेयरमैन यशपाल राणा, किसान नेता जगदीप सिंह ओलख, प्रीतपाल सिंह पन्नू, समिंद्र सिंह उर्फ सम्मी, प्रकट सिंह बालू, अमृत पाल बुगा सहित अनेक किसान नेता व राजनीतिक पार्टियों कें नेताओं ने पहुंच संत बाबा की प्रतिमा के समक्ष मत्था टेक श्रद्धांजलि दी। 

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भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन में दी संत बाबा राम सिंह की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। आज भी हमारी आंखों के सामने वो सीन घूमता है, जब संत बाबा रामसिंह ने 15 दिसंबर की शाम को किसानों के भविष्य को लेकर चिंतित थे और आंदोलन में सबसे पहले अपनी कुर्बानी दी थी। आज उनकी चौथी बरसी पर पहुंच उनके चरणों में नमन किया। 

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भाकियू के प्रदेश चेयरमैन यशपाल राणा ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को लेकर संत बाबा राम सिंह किसान धरने पर बैठे थे और किसान सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे थे और संत बाबा की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
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गुरुद्वारा साहिब में 10 दिसंबर से गुरु ग्रंथ साहिब में चल रहे अंखड पाठों का 16 दिसंबर को भोग डाला गया। इसमें संत बाबा त्रिलाचन सिंह, संत बाबा पोला सिंह, अजमेर सिंह, संत बाबा मनजीत सिंह, संत बाबा प्यारा सिंह, गेजा सिंह व गुरमुख सिंह ने पहुंच साध संगत को अपने प्रवचनों से निहाल किया और संत बाबा की जीवनी पर प्रकाश डाला। गुरुद्वारा में लंगर अटूट बरताया गया। इस मौके पर लखविंद्र सिंह, पंजाब सिंह, बाबा जसविंद्र सिंह, जोगिंद्र सिंह सहित अन्य किसान नेता व साध संगत ने भाग लिया।

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