माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पंचायती राज मंत्री द्वारा किए गए वादे पूरे नहीं होने से नाराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के कर्मचारियों ने वीरवार को लघु सचिवालय पर विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। साथ ही नपा कर्मचारी संघ की 19 व 20 अक्तूबर को प्रस्तावित हड़ताल का समर्थन करने का एलान किया।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन ने वीरवार को फव्वारा पार्क में बैठक की। इसके बाद जिला प्रधान जोगिंद्र की अगुवाई में लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। राजस्व अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कहा गया कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी नेताओं के प्रतिनिधि मंडल ने 20 अगस्त को पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली से मिलकर अपनी मांगें बताई थी। जिसमें विधानसभा में पॉलिसी बनाकर सफाई कर्मियों को पक्का करने, पंचायतों की बजाय बीडीपीओ के पे-रोल पर लेने, समान काम समान वेतन लागू करते हुए 24 हजार रुपए वेतन देने, शहरों की तर्ज पर 400 की आबादी पर एक कर्मचारी नियुक्त करने, 500 रुपए मासिक औजार भत्ता देने, दिवाली पर बोनस और कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षा भत्ता लागू करने, पीएफ ईएसआई का पैसा बोर्ड के पास जमा कराने आदि की मांग शामिल थी।
उन्होंने 30 सितंबर तक मांगों को पूरा करने का वादा किया था। लेकिन अभी तक इस पर कार्रवाई नहीं की गई है। यूनियन नेताओं ने कहा कि वर्ष 2014 में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाले कच्चे सफाई कर्मचारियों को 8100 रुपए वेतन मिलता था, लेकिन अब ग्रामीण सफाई कर्मियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इस अवसर पर सचिव जगपाल राणा, उपप्रधान राजीव कुमार, ब्लॉक प्रधान दलजीत, राज्य महासचिव कलीराम, मदन कालरा, ब्लॉक प्रधान कपिल, ओमप्रकाश माटा, संजीव, भाग सिंह, यशपाल, बसंत, बाबूराम, विनोद कुमार, कृष्णा, सावित्री, लीला, रानी, मीना, अनीता व नीलम ने कर्मचारियों को संबोधित किया।