माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। करोड़ों रुपये के ट्रैक पर खिलाड़ी बनने की चाह में छोटे बच्चे नंगे पैर दौड़े। यह प्रतियोगिता खेल दिवस पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की याद में आयोजित की गई। दौड़ने वाले बच्चे सामान्य या अमीर परिवारों के नहीं बल्कि झुग्गी-झोपड़ियों के रहने वाले थे। यह प्रतियोगिता कर्ण स्टेडियम में सैटंस फाउंडेशन और खेल विभाग, नेहरू युवा केंद्र व सामाजिक संस्था उड़ान सहित कोचों और खेल प्रेमियों के सहयोग से झुग्गी-झोपड़ियों के बच्चों को भविष्य का खिलाड़ी बनाने के लिए कराई गई। जिसके तहत कर्णनगरी के लगभग 125 बच्चों ने भाग लिया। फाउंडेशन इनमें से आठ से 10 बच्चों का चयन करेंगी और उनके बेहतर खिलाड़ी बनने तक पूरा खर्च वहन करेगी।
सैटंस फाउंडेशन के प्रधान सत्यवीर सिंह ने बताया कि फाउंडेशन और खेल विभाग की ओर से दोपहर बाद कार्यक्रम की शुरूआत के प्रथम चरण में बच्चे आठ-आठ के ग्रुप में दौड़े, लांग जंप और मेडिसन बॉल थ्रो का आयोजन किया गया। जिसके हर ग्रुप में प्रथम, द्वितीय और तृतीय खिलाड़ी का चयन किया गया। इन बच्चों ने पहली बार किसी स्टेडियम में कदम रखा था तो बच्चों की खुशी का ठिकाना ही नहीं था।
बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने बच्चों को प्रोत्साहित किया और विजेताओं को पदक देकर सम्मानित किया। फाउंडेशन और खेल विभाग के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेल दिवस पर मेजर ध्यान चंद को इससे अच्छी श्रद्धांजलि नहीं हो सकती। अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी जसप्रीत सिंह को एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा और जिला खेल अधिकारी अशोक दुआ ने सम्मान प्रदान किया। जिला युवा अधिकारी रेनू सिलग, हॉकी कोच ब्रज भूषण शर्मा, कुश्ती कोच वजीर मलिक, एथलेटिक्स कोच सतीश और ऋषि कुमार, तीरंदाजी कोच राजेश कुमार, बॉक्सिंग कोच सुरेंद्र चौहान, क्रिकेट कोच दिनेश खोकर, साइकिलिंग कोच ओंकर सिंह, फुटबॉल कोच पुनीत सहित खेल विभाग के अन्य सभी खेलों के कोचों ने हिस्सा लिया।