करनाल जिले में 134-ए के तहत प्रवेश लेने के लिए आवेदन करने वाले 82 प्रतिशत विद्यार्थी दाखिले की दौड़ से बाहर हो गए हैं। रविवार को विभाग द्वारा आयोजित 134-ए की दूसरी प्रवेश परीक्षा में दूसरी से बारहवीं कक्षा तक के 4321 विद्यार्थियों में से 900 विद्यार्थियों ने ही परीक्षा दी। परीक्षा में से 3421 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। इन विद्यार्थियों का परीक्षा में शामिल न होने कारण बारिश और विभाग द्वारा समय पर सूचना मुहैया न करना बताया जा रहा है। परीक्षार्थियों की संख्या कम होने के बावजूद विभाग ने पांच से दस मिनट देरी से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इससे कई सेंटरों पर तनाव हो गया।
प्रदेश में मार्च से शुरू हुआ 134-ए के दाखिलों का मुद्दा अभी तक हल नहीं हुआ है। शिक्षा सत्र को शुरू हुए तीन माह से अधिक हो चुके हैं। निजी स्कूलों में त्रिमासिक परीक्षाएं भी शुरू हो चुकी हैं। लेकिन, अभी तक गरीब स्कूल में प्रवेश नहीं कर सके हैं। विभाग द्वारा मई में आयोजित पहली परीक्षा में अव्वल रहे विद्यार्थियों को सेंटर अलॉट करने के बाद भी एडमिशन नहीं दिलवाया है। अब फिर से परीक्षा आयोजित हुई है। इसका परिणाम विभाग सात जुलाई को जारी करेगा।
समय पर सूचना ही नहीं दी
शिक्षा विभाग द्वारा 134-ए के दाखिलों से वंचित रहे विद्यार्थियों को दूसरा मौका देने के नाम पर रविवार को ब्लॉक स्तर पर परीक्षा आयोजित की, लेकिन इसकी सूचना समय रहते विद्यार्थियों को नहीं दी गई। विभाग ने विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र और रोलनंबर तक की जानकारी नहीं दी। ऐसे में जिलेभर से 134-ए के तहत एडमिशन के लिए आवेदन करने वाले करीब 82 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा से वंचित हो गए। विद्यार्थियों की संख्या कम रहने से विभाग और निजी स्कूलों की टेंशन लगभग खत्म हो गई है। गरीब विद्यार्थी विभाग की दोहरी मार के शिकार हुए। पहले विभाग ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को समय रहते सूचना नहीं दी। इसके बाद जो विद्यार्थी बारिश या किसी अन्य कारण के चलते पहुंचने में पांच से दस मिनट लेट हो गए, तो स्कूल प्रबंधन ने उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया।
ब्लॉक वाइज परीक्षार्थियों की डिटेल
ब्लॉक परीक्षा में बैठे कुल विद्यार्थी
करनाल 550 3100
असंध 38 178
घरौंडा 70 355
इंद्री 35 196
निसिंग 38 198
नीलोखेड़ी 169 728
कुल 900 4755
एक स्कूल में अभिभावकों से दुर्व्यवहार
अभिभावक रामकुमार, मोहन और दिनेश जैन ने बताया कि एक स्कूल में परीक्षा समय से पांच से दस मिनट तक देरी पर पहुंचने वाले विद्यार्थियों को भी परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। जब अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से बात करनी चाहिए तो स्कूल के चौकीदार ने उनसे अभद्रता कर सभी को बाहर निकाल दिया। परीक्षा देने के लिए विद्यार्थी बार-बार स्कूल प्रबंधन से फरियाद करते रहे। लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी। ऐसे में उन्हें निराश होकर बिना परीक्षा दिए लौटना पड़ा। अभिभावकों ने कहा कि वे स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग की लापरवाही के खिलाफ आवाज उठाएंगे।
सीटें 3800, विद्यार्थी पहुंचे मात्र 900
जिले में 134-ए के दाखिलों के लिए इस सत्र में 5800 सीटों पर जिलेभर से करीब 8800 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। विभाग ने वेरीफिकेशन के बाद 6500 विद्यार्थियों को पात्र माना और दो मई को परीक्षा आयोजित की। इस परीक्षा में 5600 विद्यार्थी शामिल हुए थे। परीक्षा का परिणाम छह मई को घोषित हुआ था। इस परीक्षा में केवल 1982 विद्यार्थी पास हुए। विभाग द्वारा उन विद्यार्थियों को सेंटर भी अलॉट कर दिए गए। इसके बाद निजी स्कूलों की हड़ताल के चलते आज तक उन विद्यार्थियों को एडमिशन नहीं मिला है। विभाग द्वारा अब फिर से निजी स्कूलों में 134-ए के तहत खाली पड़ीं 3800 सीटों के लिए परीक्षा तीन जुलाई को आयोजित की गई। इस परीक्षा में 4321 विद्यार्थियों को शामिल होना था। लेकिन, सूचना के अभाव में केवल 900 विद्यार्थी ही परीक्षा दे पाए हैं। यदि परीक्षा देने वाले सभी विद्यार्थी उत्तीर्ण हो भी गए, तब भी इस बार निजी स्कूलों में 134-ए की 2800 सीटें खाली रह जाएंगी। अब इन सीटों पर दाखिले होंगे या नहीं, इस संबंध में विभाग ने अभी तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है।
पांच जुलाई को घोषित होगा परीक्षा का परिणाम
तीन जुलाई रविवार को प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई है। सभी परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा हुई है। बारिश की वजह से बच्चे परीक्षा देने नहीं पहुंचे। जिन विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है, उनका परिणाम पांच जुलाई को घोषित किया जाएगा। परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को सेंटर अलॉट कर दाखिले दिलवाए जाएंगे।
सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी करनाल।