माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। डिफॉल्टर चावल मिल मालिकों राइस मिलरों पर प्रशासन शिकंजा कसने जा रहा है। वर्ष 2012 से अब तक करीब 58 राइस मिलरों और संबंधित फर्मों से लगभग 300 करोड़ रुपये की रिकवरी होगी।
नियमानुसार कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को लघु सचिवालय में उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में रिकवरी मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
डीसी ने कहा कि जिन राइस मिलों और संबंधित फर्मों से सरकारी राशि की रिकवरी होनी है, उनकी संपत्तियों की पहचान कर राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार सत्यापन किया जाए। उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिए कि सभी संबंधित मामलों में भूमि और संपत्तियों की पहचान एवं वेरिफिकेशन का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोमवार तक भूमि राजस्व संबंधी प्रक्रिया पूरी कर संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंगलवार को होने वाली अगली समीक्षा बैठक में प्रत्येक मामले की प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
बैठक में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने उपायुक्त को बताया कि जिले में करीब 58 ऐसे मिलर्स और संबंधित फर्में हैं, जिनसे वर्ष 2012 से अब तक लगभग 300 करोड़ रुपये की रिकवरी बनती है।
बैठक में एसडीएम असंध सुमित सिहाग, एसडीएम घरौंडा राजेश सोनी, डीआरओ कनव लाकड़ा, तहसीलदार कृष्ण, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।