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Karnal News: कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति रुकने से बंदी की कगार पर रोविंग मिल और कृषि उपकरण उद्योग

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कृषि उपकरण
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गगन तलवार
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करनाल। कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति रुकने से रोविंग मिल और कृषि उपकरण उद्योग बंदी की कगार पर आ गए हैं। क्योंकि लोह और स्टील की जटिल शीट की कटाई एलपीजी की तेज आग पर मशीन से ही होती है। गैस की आपूर्ति न होने से ज्यादातर रोविंग मिलों में काम बंद हो गया है।
कृषि उपकरण उद्योग और कुछ रोविंग मिलों में महज दो या चार दिन का ही एलपीजी का स्टॉक बचा है। यदि वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई तो इनको भी बंद करना होगा। ऐसे में इनसे जुड़े कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर भी संकट आ सकता है। करनाल एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स एसोसिएशन और रोविंग मिल संचालकों के अनुसार, शीट कटिंग सहित अन्य कार्यों में एक मिल में महीने में औसतन 15 कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडर लगते हैं। अंतिम आपूर्ति गत सप्ताह ही हुई थी, इसके बाद से गैस नहीं मिली। 125 इकाई हैं, जिनका सालाना 1500 से 1800 करोड़ रुपये का टर्नओवर है। इसके अलावा प्रदेश में ऐसी इकाइयों और रोविंग मिलों की संख्या 1500 के करीब है।
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टाइन, डिस्क व स्प्रिंग बनाने के लिए जरूरी
कृषि उपकरण फैक्टरी में एलपीजी गैस न होने से कल्टीवेटर में लगने वाली टाइन नहीं बन पा रही, यह हैमर पर तपाकर तैयार होती हैं। इसकी 10 इकाइयां बंद हैं। हैरो में लगने वाले तवे एवं डिस्क की भी कटिंग नहीं हो पा रही है। इसके अलावा स्प्रिंग निर्माण का काम भी रुक गया है।
कृष्णा स्टील एवं रोविंग मिल संचालक हरीश कुमार का कहना है कि एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति न होने से उनके काम पर असर पड़ा है। सिलिंडर के बिना उनकी मिल में एक दिन भी काम नहीं चल सकता। महज एक या दो दिन की ही एलपीजी का स्टॉक बचा है। रोजाना करीब आधा कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की खपत है।


पीएनजी की कटौती हुई तो बढ़ेगी दिक्कत
हैरो के तवे और अन्य उपकरण बनाने वाले यूनिवर्सल इंडस्ट्री के संचालक राहुल का कहना है कि वे फिलहाल पीएनजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। अभी ऑर्डर कम हैं, इसलिए उनके काम पर गैस कमी का असर कम है लेकिन अप्रैल और मई में सीजन होगा, तब ज्यादा दिक्कत आ सकती है। यदि पीएनजी बंद हुई तो दिक्कत होगी।

तीन दिन से मशीनें बंद, गैस हुई खत्म
एग्रीकल्चर डिकार्पाेरेशन के संचालक सत्येंद्र का कहना है कि उनकी फैक्टरी में एलपीजी न आने से काम बंद हो गया है। हैरो के उपकरण तैयार नहीं हो पा रहे हैं, एलपीजी न आने से लोहे और शीट कटिंग की मशीनें तीन दिनों से रुकी हुई हैं। यदि गैस न आई तो लंबे समय तक इंतजार करना पड़ेगा। उनके पास गैस का स्टॉक नहीं था, सिलिंडर खाली हैं।
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सरकार वैकल्पिक व्यवस्था करे : अध्यक्ष
करनाल एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रविंद्र ढल का कहना है कि सिलिंडर न मिलने से कई रोविंग मिलें बंद हो चुकी हैं। उपकरण फैक्टरी में पीएनजी आ रही है, इनके रेट बढ़ाए हैं और कटौती भी की जा रही है। इससे दिक्कत आ सकती है, सरकार को उद्योगों की तरफ भी ध्यान देना चाहिए। वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए।
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