प्रशासन की तमाम तरह की तैयारियों को धत्ता बताकर हरियाणा रोडवेज वर्कर्स
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर रोडवेज की हड़ताल पूरी तरह कामयाब रही।
करनाल डिपो की एक भी बस सोमवार को नहीं चली और पूर्णतया चक्का जाम रहा।
हड़ताल के चलते लोगों को भारी परेशानियां उठानी पड़ी। इसका फायदा प्राइवेट
वाहनों ने खूब उठाया। जिन प्राइवेट सोसायटी की बसों के विरोध में यह हड़ताल
हुई, उन्हीं ने जमकर चांदी कूटी।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक हड़ताल के
पहले दिन करनाल डिपो को करीब 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। रविवार को
कैथल में रोडवेज की ज्वाइंट एक्शन कमेटी और सरकार के बीच सातवें दौर की
वार्ता विफल होने के बाद रोडवेज कर्मचारियों ने पूर्ण चक्का जाम किया।
धुंध
और हड़ताल की वजह से लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में मुश्किलों का
सामना करना पड़ा। डीसी विकास यादव, एसपी शशांक आनंद, जीएम रोडवेज जयपाल
राणा, डीएसपी सतीश गौतम सहित कई अधिकारी बस स्टैंड पहुंचे और कर्मचारी
नेताओं से हड़ताल खोलने की अपील की, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े
रहे।
हड़ताल से जनजीवन बेहाल
रोडवेज की हड़ताल के चलते हर वर्ग
को परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने में,
कर्मचारियों को दफ्तर पहुंचने में, रोगियों को अस्पताल पहुंचने में
मुश्किलें उठानी पड़ी। प्राइवेट बसों ने इस हड़ताल का फायदा उठाते हुए
‘मनमर्जी के रूट, मनमर्जी के रेट’ तय कर लिए थे।
प्रशासनिक आदेशों को ठेंगा
हड़ताल
की घोषणा पर डीसी विकास यादव ने कर्मचारियों को ड्यूटी पर रहने के आदेश
दिए। लेकिन कर्मचारियों ने प्रशासनिक आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए एकजुटता
दिखाई। उनकी एकजुटता का नमूना सोमवार को हड़ताल की कामयाबी के रूप में
देखने को मिला। छुट्टी पर चल रहे कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी
गई थी। छोटे रूटों पर चलने वाली प्राइवेट सोसायटी की बसें लंबे रूटों पर
चली। न तो किसी सरकारी अधिकारी ने उन्हें चेक किया और न ही उन्होंने कोई
नियम कायदा बख्शा।
थम गए 165 बसों के पहिये
करनाल में रोडवेज को
12 लाख की चपत करनाल रोडवेज डिपो में कुल 165 बसें हैं। हड़ताल के चलते यह
सभी बसें बस स्टैंड में ही खड़ी रही। सिर्फ वही बसें सुबह-सुबह निकली, जो
दूसरे डिपो की बसें थीं। वे बसें भी अपने-अपने डिपो में जाकर खड़ी कर दी
गई।
प्रशासन की रणनीति
रोडवेज की हड़ताल से लोगों को परेशानी
नहीं होने दी जाएगी। सरकार ने रोडवेज में नए चालकों की भर्ती की है।
मंगलवार से यह चालक बसें चलाएंगे। उन्हें रोकने का प्रयास किया तो प्रशासन
अपनी कार्रवाई करेगा।
-विकास यादव, डीसी करनाल।
पुलिस संभालेगी स्टेयरिंग
हमारे
पास पुलिस में प्रशिक्षित चालक हैं। यदि रोडवेजकर्मी बसें नहीं चलाते हैं
और सरकार के आदेश आते हैं तो पुलिस कर्मचारी बसें चलाने के लिए तैयार हैं।
सरकार की तरफ से कोई आदेश मिले तो पुलिस हर तरह की जिम्मेदारी संभालने को
तैयार है। पुलिस तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसी लाल के समय में भी इस तरह की
जिम्मेदारी बखूबी निभा चुकी है। मौजूदा सरकार अगर आदेश देती है तो हम बसें
भी चलाएंगे। लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- शशांक आनंद, एसपी करनाल।
असंध में भी रहा पूर्ण चक्का जाम
तालमेल कमेटी के आह्वान पर सोमवार को हरियाणा परिवहन निगम की बसों का चक्का पूरी तरह से जाम रहा। इसकी वजह से यात्रियों को भारी
परेशानियों
का सामना करना पड़ा। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटने के लिए बस
अड्डे के बाहर पुलिस के जवान तैनात रहे, जबकि इस दौरान बस अड्डे के दोनो
द्वार बंद रहे। बंद के चलते निजी सवारी वाहनों व परिवहन समितियों की बसों
की खूब पौ-बारह रही। यात्री अपनी जान को जोखिम में डाल मजबूरी में खचाखच
भरी निजी सवारी गाड़ियों परिवहन समितियों की बसों में यात्रा करते देखे गए।