रोडवेज के करनाल डिपो के परिचालक द्वारा विभाग को चपत लगाने का मामला सामने आया है। परिचालक ने सवारियों से रुपये लेकर उन्हें टिकट जारी नहीं किए और यात्रा करवाता रहा।
पूछताछ के दौरान यात्रियों ने जांच टीम को बताया कि उन्होंने परिचालक से टिकट देने के लिए कहा था लेकिन परिचालक ने उन्हें कहा कि अभी रुको बाद में टिकट दे दूंगा। इस बारे में जांच टीम को यात्रियों ने लिखित में भी दिया है। बाद में परिचालक ने अपनी गलती मानते हुए निरीक्षण स्टाफ को सबूत के तौर पर अनपंच टिकटें (10/के-22 733593 से 733596, 50/बी-23 569530 से 569569) दे दी।
स्टाफ निदेशक राज्य परिवहन हरियाणा के आदेशानुसार, यदि कोई कर्मचारी 2000 रुपये से अधिक की सरकारी धनराशि में हेराफेरी करता है तो यह गबन की श्रेणी में आया जाता है। विभागीय नियमों के अनुसार, उसके खिलाफ केस दर्ज करना अनिवार्य है। इसी नियम के तहत जीएम रोडवेज ने कार्रवाई के लिए पुलिस को शिकायत दी है।