कुरुक्षेत्र में हरियाणा रोडवेज की सेवाएं जनता के लिए है या मनमानी करने वाले राज्य परिवहन विभाग के कर्मियों के लिए। यह सवाल स्थानीय नागरिक और यात्री कर रहे हैं।
नगर के बस अड्डों पर खड़े यात्री बसों के इंतजार में रहते हैं और ड्राइवर-कंडक्टर अपनी मर्जी करते हुए सारे नियमों को ठेंगा दिखाकर बस स्टैंड के बाहर से ही निकल जाते हैं। बुजुर्ग महिलाओं और बस से आवाजाही करने वाले विद्यार्थियों का कहना है कि रोडवेज अधिकारियों और अड्डा इंचार्ज को कई बार शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन ड्राइवर-कंडक्टरों की मनमर्जी पर कोई रोक नहीं लगा रहा।
जिले में यह हाल थानेसर, लाडवा और जीटी रोड स्थित शाहाबाद बस अड्डे का है। शुक्रवार को हिसार डिपो की बस संख्या एचआर39सी9435 और इसी समय कैथल से आने वाली एक अन्य बस का ठहराव 10:30 बजे थानेसर बस अड्डे पर था, लेकिन ड्राइवर-कंडक्टर ने बस को अड्डे पर लाने की बजाए इसे बाहर से लेकर चलते बने। यहां से यह बस तीन किलोमीटर दूर आगे मेन बस अड्डे पर रुकी।
उल्लेखनीय है कि पिछले काफी दिनों से मिल रही इन शिकायतों के कारण जब अमर उजाला ने कुुरुक्षेत्र के मेन बस अड्डे पर रुकी हिसार डीपू की उपरोक्त बस के ड्राइवर कंडक्टर से थानेसर बस अड्डे पर न रोकने की जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि बस अड्डे पर जाने का रास्ता नहीं था।
कंडक्टर के अनुसार बस अड्डे पर मुड़ने की जगह न होने के कारण वह बस को सीधा लेकर आए। गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से हरियाणा सरकार ने यहां से गुुजरने वाली सभी सरकारी व सहकारी बसों का ठहराव थानेसर बस अड्डे पर करने के आदेश जारी किए हुए हैं, लेकिन ड्राइवर-कंडक्टरों की मनमानी जारी है।
प्राइवेट बसों की अच्छी सुविधा
यात्री गुरबीर ने कहा कि एक तरफ जहां रोडवेज कर्मचारी प्राइवेट बसों के परमिटों को रद्द करने की बात करते हैं वहीं प्राइवेट बसें यात्रियों को अच्छी सर्विस देती है। प्राइवेट बसें प्रत्येक बस अड्डे के अंदर जाती है, लेकिन सरकारी बस कर्मचारी अपनी ड्यूटी को न समझते हुए बस अड्डे के बाहर से ही निकल जाते हैं।