गांव बाबा लदाना में ब्राह्मण और कुम्हार समुदाय के बीच चल रहे विवाद ने सोमवार को फिर तूल पकड़ लिया। रविवार को कुम्हार समाज के लोगों द्वारा गांव से पलायन की धमकी के बाद पुलिस ने रविवार रात करीब साढ़े तीन बजे ब्राह्मण समुदाय के कुछ लोगों को गिरफ्तार करने के लिए गांव में छापामारी की थी लेकिन लोगों के विरोध के कारण पुलिस किसी की भी गिरफ्तारी नहीं कर पाई।
पुलिस की छापामारी के विरोध में ब्राह्मण समाज ने सोमवार दोपहर पिहोवा चौक पर साढ़े चार घंटे तक जाम लगाया। बाद में राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर-65 पर भी आधे घंटे तक जाम लगाया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने रात को रेड करने के मामले में एएसआई को लाइनहाजिर करने और अन्य मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर ब्राह्मण समाज को शांति किया। इस समुदाय के लोगों ने करीब पांच बजे जाम खोला।
मालूम हो कि गांव बाबा लदाना में हुए झगड़े के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कुम्हार समाज के कई परिवारों ने रविवार सुबह गांव से पलायन का फैसला करते हुए अपना सामान वाहनों में लाद लिया था। सूचना मिलने पर डीएसपी सुरेंद्र भौरिया और तहसीलदार रोशन लाल ने गांव में पहुंचकर लोगों को शांत करवाया था। रविवार रात पुलिस टीम ने ब्राह्मण समुदाय के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की लेकिन विरोध के कारण पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। रविवार सुबह इस कार्रवाई के विरोध में ब्राह्मण समाज के लोग भड़क उठे। सोमवार सुबह समाज के लोग ब्राह्मण धर्मशाला में जमा हुए। यहां से प्रदर्शन करते हुए पिहोवा चौक पर पहुंचे। यहां करीब 12:30 बजे जाम लगा दिया गया।
घरों में घुसकर दुर्व्यवहार का आरोप
समाज के लोग रामफल, ज्ञानी राम, हुक्मचंद, ओमप्रकाश, कृष्ण कुमार, विनोद, रमेश चंद, महेंद्र शर्मा, सतपाल, नरेंद्र शर्मा, प्रदीप कुमार, सुरेश शर्मा गुहणा, रामकुमार, अशोक कुमार, रिंकू, रितु, कमलेश, दयापती, रीना, अनीता, भूरो, रामरती, शांति, रामकली, माया, रामरती, बीरमती, बाला, प्रेमो, कस्तूरी ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि रविवार रात 3:30 बजे एएसआई महेंद्र ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर घरों में घुसकर दुर्व्यवहार किया, जबकि रात को इस तरह से रेड किए जाने का कोई औचित्य नहीं था। सभी आरोपी जमानत पर चल रहे हैं। पुलिस अब गैर जमानती धाराएं जोड़ते हुए समाज के अन्य लोगों को भी गिरफ्तार करना चाहती है। वहीं कुम्हार समाज से उन पर हमला करने वाले आरोपी अभी भी सरेआम घूम रहे हैं, उनकी तुरंत गिरफ्तारी की जाए। साथ ही जयभगवान का दोबारा से मेडिकल करवाकर पुलिस द्वारा लगाई गई धारा 307 को हटाया जाए। साथ ही एएसआई महेंद्र के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
फिर रोड जाम किया
जाम लगाए जाने की सूचना मिलते ही थाना शहर प्रभारी विक्रमजीत सिंह, एसएचओ सिविल लाइन अश्वनी शर्मा सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद समाज के लोगों की समिति एसपी से मिलने के लिए कार्यालय में गई। समिति की एसपी के साथ हुई बैठक के बाद डीएसपी रविंदर तोमर ने जाम लगा रहे लोगों को बैठक में हुई बातचीत की जानकारी दी लेकिन लोग उनके द्वारा दिए गए आश्वासन से राजी नहीं हुए। इस कारण बाद में प्रदर्शन करते हुए करनाल रोड से होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 65 पर करनाल रोड चौक पर पहुंचकर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक लगे जाम के कारण यहां लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में डीएसपी रविंदर तोमर सहित नायब तहसीलदार जयभगवान शर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से विचार-विमर्श कर लोगों की शिकायत पर एएसआई महेंद्र सिंह को लाइनहाजिर कर दिया। साथ ही समाज के लोगों को आश्वासन दिया कि धारा 307 को लेकर मेडिकल बोर्ड से फिर से परामर्श लिया जाएगा। वहीं उनके साथ हुए झगड़े के आरोपी दूसरे पक्ष के शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। इस आश्वासन के बाद लोगों ने करीब पांच बजे जाम खोल दिया।
जाम से वाहन चालक हुए परेशान
शहर भर में करीब साढ़े पांच घंटे लगे जाम के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। 12:30 बजे से लेकर करीब 4: 30 बजे तक पिहोवा चौक पर जाम लगा रहा। इस कारण चारों ओर से आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं इसके बाद करीब एक घंटे तक करनाल रोड पर प्रदर्शन और राष्ट्रीय राजमर्ग पर जाम के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
अब तक का घटनाक्रम
13 दिसंबर को गांव में दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ।
पुलिस ने दोनों ही पक्षों की ओर से केस दर्ज किए।
18 दिसंबर को कुम्हार समाज के लोगों ने हनुमान वाटिका में जाम लगाकर करनाल रोड पर जाम कर दिया।
19 दिसंबर को ब्राह्मण समाज के लोगों ने भी प्रदर्शन कर एसपी को ज्ञापन दिया था। दोनों में समझौता करवाने के प्रयास भी हुए।
पांच जनवरी को कुम्हार बिरादरी के कई परिवारों ने पलायन की चेतावनी दी, अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
छह जनवरी को गांव में रात को रेड पर ब्राह्मण समाज भड़क उठा तथा शहर में जाम लगाकर प्रदर्शन किया।