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Karnal News: वीआईपी बन कई बार पुलिस को झांसा दे चुका ठग रिंकू, ओड़िसा में हो चुका गिरफ्तार

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। वीआईपी बनकर लोगों को रौब जमाने वाले ठग इंद्री के बीबीपुर जाटान निवासी रिंकू सैनी कई बार पुलिस को अपने झांसे में ले चुका है। हरियाणा के विभिन्न जिलों के अलावा ओड़िसा में भी वह पुलिस से एस्कार्ट और पायलट लेकर वीआईपी होने का दिखावा कर चुका है। ओड़िसा में इस तरह की हरकत में वह एक बार गिरफ्तार भी हो चुका है। जमानत देकर छूटा और फिर दिखावा करने लगा।
पुलिस जांच में सामने आया है कि वह ऐसा लोगों को अपनी पहुंच का झांसा देने के लिए करता है। उसकी गाड़ी से लोगों को विदेश भेजने, नौकरी लगवाने और तबादला कराने संबंधित दस्तावेज बरामद हुए हैं। इससे अंदेशा है कि वह लोगों को काम करवाने का आश्वासन देकर ठगता था। इसके अलावा वह खुद को भाजपा का बड़ा नेता दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व, मंत्रियों और बड़े नेताओं से मुलाकात की फोटो और वीडियो भी शेयर करता था।
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वीरवार को ब्रास गांव में आयोजित जागरण में आने के दौरान खुद को वीआईपी दिखाना उसे भारी पड़ गया। वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत निसिंग थाना पुलिस भी पहुंच गई थी लेकिन उसके साथ चल रहे हरियाणा पुलिस कमांडो की वर्दी में निजी सुरक्षा गार्ड पर हुए शक से वह फंस गया। शुक्रवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तारी के बाद अदालत के निर्देश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पीए ने किया था पुलिस को कॉल
निसिंग थाना प्रभारी श्रीभगवान ने बताया कि ब्रास गांव में आयोजित कार्यक्रम में रिंकू सैनी के पीए ने उन्हें कॉल पर यह कहकर वीआईपी सुरक्षा मांगी थी कि रिंकू सैनी गृह मंत्रालय के सोशल जस्टिस वेलफेयर आयोग के चेयरमैन हैं। पुलिस ने पीए एवं चालक महेंद्रगढ़ निवासी विकास, सुरक्षा गार्ड महेंद्र को भी काबू किया था। आरोपी रिंकू सैनी के खिलाफ पहले भी करनाल, अंबाला, कैथल और इंद्री सहित अन्य जगहों पर ठगी व धोखाधड़ी की 12 से ज्यादा प्राथमिकी दर्ज हैं।
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सोशल मीडिया पर आज भी भाजपा नेता
आरोपी रिंकू सैनी के सोशल मीडिया पेज पर उसने खुद को अभी भाजपा का बड़ा नेता प्रदर्शित किया हुआ है। कुछ वर्ष पूर्व उसके धोखाधड़ी के आपराधिक मामले सामने आने के बाद पार्टी में उसकी सक्रियता कम हो गई थी। इससे पहले वह और उसकी पत्नी इंद्री में विधानसभा सीट से टिकट के दावेदार थे लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया।
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