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सीएमआर चावल की हेराफेरी में राइस मिलर, आढ़ती भाई भतीजे पर केस

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खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने मिलिंग के लिए दिए गए धान के बदले सीएमआर चावल की वापसी नहीं करने पर करनाल के मोदीराम एंड संस राइस मिल के संचालक और उसके आढ़ती भाई तथा भतीजे के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिसमें 6.22 करोड़ रुपये कीमत के चावल की अमानत में खयानत और धोखाधड़ी के आरोप की एफआईआर दर्ज कराई गई है। इससे पहले भी कुंजपुरा के राइस मिलर के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई जा चुकी है। डीएफएससी निशांत कुमार राठी ने बताया कि मिलिंग के लिए 2019 में दिए गए धान के चावल को राइस मिलों ने अभी तक वापस नहीं किया है, जबकि कई बार इसके लिए तय तिथियों को भी बढ़ाया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने केंद्र सरकार से सिफारिश करके 31 अगस्त-2020 तक तिथि को बढ़वाया था। लेकिन इसमें भी करनाल जिले के कई राइस मिल पूरा चावल वापस नहीं कर पाए थे। इसमें दो बड़े राइस मिलर्स के खिलाफ विभाग ने एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया था।
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उन्होंने बताया कि करनाल के अमृतपुर कलां स्थिति मोदीराम एंड संस राइस मिल को एग्रीमेंट के अनुसार 2019 में 63321.25 क्विंटल धान मिलिंग के लिए दिया गया था। जिसका 67 प्रतिशत 42425.24 क्विंटल चावल भारतीय खाद्य निगम को देना था। लेकिन कई बार तिथि बढ़ने के बावजूद अंतिम तिथि 31 अगस्त-2020 तक मिल ने सिर्फ 24510 क्विंटल चावल ही दिया। 17915.24 क्विंटल चावल नहीं दिया। जिसकी कीमत और 12 प्रतिशत ब्याज के साथ 6,22,19,628 रुपये बनती है। इसके लिए मोदीराम एंड संस के संचालक सपटर सिंह राणा पुत्र मोदी राम निवासी अमृतपुर कलां, गारंटर शक्ति राणा पुत्र पूरण सिंह प्रोप्राइटर व पार्टनर विराट ट्रेडिंग कंपनी, दुकान नंबर-458 नई अनाज मंडी और पूरण सिंह राणा पुत्र मोदीराम प्रोप्राइटर व पार्टनर सपटर सिंह पूर्ण सिंह एंड संस दुकान नंबर 458ए नई अनाज मंडी जिम्मेदार हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के निरीक्षक समीर वशिष्ठ ने पुलिस अधीक्षक को तहरीर देकर उपरोक्त मिल संचालक सपटर सिंह व उसके आढ़ती भाई पूरण सिंह, भतीजे शक्ति राणा (गारंटर) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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