हरियाणा के करनाल में अफीम की कम मात्रा दिखाकर कोर्ट से आरोपी को छुड़ाने के लिए रिश्वत लेने के मामले में फरार चल रहे एसआई, एएसआई समेत तीन पुलिसकर्मियों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। इस मामले में एसआई चंद्रेश्वर को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। फरार पुलिसकर्मियों की तलाश में पुलिस जुटी है।
हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो पुलिस लाइन यूनिट की टीम ने आठ मई को कैथल के रहने वाले आरोपी सुलतान सिंह को निगदू थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। आरोपी से 9995 ग्राम अफीम बरामद की गई थी। टीम में शामिल एसआई चंदेश्वर, एसआई बलवान सिंह, एएसआई कृष्ण कुमार और सिपाही विजय कुमार ने सुलतान सिंह को पकड़ा था।
इन पुलिसकर्मियों ने आरोपी से मिलीभगत कर 1.20 लाख रुपये लेकर अफीम की मात्रा 25 ग्राम दिखाने का सौदा तय किया, जिससे कोर्ट से सुलतान सिंह को जमानत मिल जाए। पुलिसकर्मियों ने सुलतान सिंह के भाई नफे सिंह से 50 हजार रुपये भी ले लिए, लेकिन 25 ग्राम की जगह 447 ग्राफी अफीम की मात्रा दिखा दी। इस पर सुलतान सिंह को कोर्ट से जमानत नहीं मिली। इसके बाद नफे सिंह ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ रामनगर थाने में 14 मई 2023 को केस दर्ज कराया।
पुलिस ने यूपी के मुजफ्फरनगर के चंदौली निवासी एसआई चंद्रेश्वर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में फरार चल रहे कुरुक्षेत्र के पिहोवा निवासी सब इंस्पेक्टर बलवान सिंह ,जींद के सफीदो निवासी एएसआई कृष्ण कुमार और मधुबन के बडौता निवासी कांस्टेबल अजय कुमार पर आईजी सतेंद्र कुमार ने पांच-पांच हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है।