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Karnal News: मंडियों में देर रात तक रही धान की ट्रालियों की लाइन, सीमा पार से 1509 धान को प्रवेश नहीं

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करनाल मंडी में आज बंद रहेगी खरीद, तीन आढ़तियों के लाइसेंस निलंबित
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रविवार को जिलेभर में धान की खरीद बंद रहने के बाद सोमवार को अनाज मंडियों में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। मंडियों में देर रात तक धान लेकर आए ट्रैक्टर ट्रालियों की कतारें लगी रहीं। मंडी प्रशासन ने लाइन में लगे किसानों के देर रात तक गेटपास भी जारी किए। अभी पड़ोसी राज्य की हरियाणा की सीमा से पीआर के साथ-साथ 1509 किस्म के धान को भी हरियाणा में प्रवेश नहीं दिया गया। करनाल अनाज मंडी में मंगलवार को खरीद नहीं होगी, शेष मंडियों में पूर्ववत खरीद जारी रहेगी।
करनाल जिले में प्रशासन ने रविवार को सभी मंडियों में खरीद को बंद किया था। यही कारण रहा कि दो दिनों में कटाए गए धान को लेकर सैकड़ों किसान अनाज मंडियों में पहुंचे। सुबह से ही रात करीब नौ बजे के बाद तक करनाल, निसिंग, घरौंडा आदि अनाज मंडियों में ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइनें लगी रहीं। मंडी सचिव जितेंद्र ने बताया कि पीआर और 1509 धान के गेटपास जारी किए जा रहे हैं। देर रात तक जो भी किसान लाइन में हैं, उन सभी को गेटपास दिए जाएंगे, क्योंकि मंगलवार को करनाल अनाज मंडी में धान की खरीद बंद रहेगी। ये निर्णय कल आढ़तियों व किसानों के साथ वार्ता में लिया गया था।
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तीन आढ़तियों के लाइसेंस निलंबित
करनाल अनाज मंडी में उत्तर प्रदेश आदि पड़ोसी राज्यों का धान एमएसपी पर बेचने का प्रयास किया जा रहा है। इस मामले में पिछले तीन दिनों में तीन आढ़तियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। एक आढ़ती ने गेटपास भी जारी करा लिया था, जिसे जांच के बाद रद किया गया और बाहरी धान लेकर तीन ट्रैक्टरों को वापस लौटाया गया है।
अनाज मंडी सचिव जितेंद्र ने बताया कि पड़ोसी राज्यों से पीआर धान लाने पर पाबंदी है, लेकिन ट्रैक्टर पड़ोसी राज्यों के धान लेकर आए, जिसे गलत तरीके से स्थानीय किसानों की फसल दिखाकर गेटपास जारी कराने का प्रयास किया गया। जिसमें आढ़तियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जिसके आधार पर ऋषभ कुमार-प्रवीन कुमार, जिले सिंह-नरेश कुमार व अंकित कुमार इंटरप्राइजेज का आढ़त लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। जिले सिंह-नरेश कुमार फर्म के आढ़ती से संबद्ध किसान ने पोर्टल पर स्थानीय किसान के नाम से गेटपास जारी करा लिया था, जिसे रद कर दिया गया। धान को वापस लौटा दिया गया। अंकित इंटरप्राइजेज पर शनिवार को कार्रवाई की गई थी। मामले की जांच अभी जारी है।
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- सरकार सिर्फ पीआर धान ही एमएसपी पर खरीदती है, लेकिन अब सरकार ने पड़ोसी राज्यों से आने वाले 1509 धान को भी हरियाणा में आने से रोक दिया है। जिससे हरियाणा के आढ़तियों, राइस मिलरों, चावल कारोबारियों को भारी नुकसान होगा। रविवार को एसडीएम से वार्ता हुई, उन्होंने उच्चाधिकारियों से बातचीत करके निर्णय बताने की बात कही थी लेकिन अभी तक 1509 को हरियाणा में एंट्री नहीं मिल रही है, जिससे करनाल के साथ साथ राज्य के कई जिलों का कारोबार प्रभावित होने लगा है।
- रजनीश चौधरी, चेयरमैन, हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन।
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