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संशोधित... गजल का भविष्य नहीं, यू-ट्यूब पर संगीत की जगाएंगे अलख : अनूप जलोटा

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भजन सम्राट ने विशेष बातचीत में कई अनछुए पहलुओं का किया साझा, संगीत को समृद्ध करने पर की चरचा
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डिजिटल युग में यू-ट्यूब म्यूजिक काफी लोकप्रिय, अब सीडी और कैसेट का जमाना नहीं
71 साल की उम्र में भी स्वयं को 50 का बताया, बोले-संगीत और सभी से प्रेम के कारण उम्र 20 साल कम

विनोद कुमार सिंह

करनाल। भजन एवं गजल गायकी के लिए विश्वविख्यात सुर सम्राट पद्मश्री अनूप जलोटा ने कहा कि गजल का भविष्य नहीं है और डिजिटल युग में संगीत का स्वरूप बदल गया है। अब संगीत फिजिकल फॉर्म में (सीडी, कैसेट, विनाइल रिकॉर्डस) उपलब्ध नहीं है। इसकी जगह डिजिटल प्लेटफॉर्म ने ले ली है। यही कारण है कि उन्होंने तय किया है कि अब यू-ट्यूब के जरिये संगीत की अलख जगाएंगे। अपने नए-नए भजनों और गीतों को यू-ट्यूब के माध्यम से ही लॉन्च करेंगे।

24वें रफी नाइट के आयोजन में करनाल पहुंचे अनूप जलोटा ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में अपने जीवन से जुड़े कई अनछुए पहलुओं को साझा किया। साथ ही भविष्य की योजनाओं और संगीत के विकास पर चरचा की। उन्होंने गजल के भविष्य पर चिंता जताई। कहा कि लोगों में उर्दू की समझ कम होने के साथ ही गजल की भाषा अब पहले से सरल हुई है, इसके बावजूद इसका भविष्य नहीं है। कारण है कि जब लोग ठीक से हिंदी नहीं बोल व समझ पाते तो उर्दू की बात बेमानी है।
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उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में ज्यादातर लोग इंटरनेट के माध्यम से संगीत सुनते हैं। यू-ट्यूब म्यूजिक आज काफी लोकप्रिय हो चुका है। लोग गाने को डिजिटल रूप में खरीदकर अपने डिवाइस पर डाउनलोड कर सकते हैं। स्मार्ट फोन ने आज डिजिटल संगीत को अधिक सुलभ बना दिया है। यही कारण है कि उन्होंने अब डिजिटल प्लेटफार्म के जरिये संगीत को समृद्ध करने की योजना बनाई है। 71 साल की उम्र में भी स्वयं को 50 का बताते हुए उन्होंने कहा कि यह संगीत का जादू है जो हमें सभी से प्रेम करना सिखाता है। यह हमें नित नई ऊर्जा और काम करने की प्रेरणा देता है।

अनूप जलोटा ने हाल ही में यू-ट्यूब पर रिलीज दो गीतों से दिया संदेश

अनूप जलोटा ने हाल ही में यू-ट्यूब पर रिलीज अपने दो गीतों से लोगों को धर्म-कर्म और भक्ति का संदेश दिया। उन्होंने गीत के माध्यम से कहा कि ... काशी बदली अयोध्या बदली अब मथुरा की बारी है, राम खड़े हैं लिए धनुष, अब बंशी बजने वाली है। वहीं ...तुलसी की रामायण बोले, रामचरित अपनाओ, धर्म-कर्म की मर्यादा में जीवन सफल बनाओ.. की भी उन्होंने प्रस्तुति दी।



नैनीताल तो सिर्फ कहने को जन्मस्थली है : अनूप जलोटा

सुर सम्राट अनूप जलोटा का जन्म 29 जुलाई 1953 में नैनीताल में हुआ था, लेकिन उनका पालन-पोषण लखनऊ में हुआ। इस संबंध में उनका कहना है कि नैनीताल तो सिर्फ कहने के लिए जन्मस्थली है। उस दौरान माता-पिता नैनीताल घूमने गए थे, जहां उनका जन्म हुआ, लेकिन मूलरूप से वह लखनऊ के ही हैं, हालांकि उस दौरान नैनीताल भी यूपी का ही हिस्सा हुआ करता था।
चार दशक बाद भी ऐसी लागी लगन मुझे सबसे प्रिय : अनूप

अनूप जलोटा ने ... रंग दे चुनरिया, जग में सुंदर हैं दो नाम, चादरिया झीनी रे झीनी सहित हजारों की संख्या में भजन व गीत गाए हैं, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया है। लेकिन चार दशक बाद भी उनका सबसे प्रिय भजन .. ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन... ही है, जिसे बीते रोज बुधवार को करनाल में आयोजित रफी नाइट में भी उन्होंने सुनाया।
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जसलीन मथारू संग संबंधों पर बोले-मैं तो उसे जानता भी नहीं

सिंगर जसलीन मथारू संग संबंधों पर अनूप जलोटा ने कहा कि मैं तो उसे जानता भी नहीं। विदित हो कि बिग बॉस-12 के प्रतियोगी रहे अनूप जलोटा और जसलीन मथारू के बीच प्रेम संबंधों के खूब चर्चे रहे। दोनों की शादी की भी अफवाहें उड़ाई गईं। इसके बाद अनूप जलोटा ने सफाई भी दी थी कि जसलीन उनकी बेटी के समान है और जल्द ही कन्यादान की बात कही थी।
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