संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। इस बार विद्यालयों का स्वतंत्रता दिवस समारोह खास होने वाला है। समारोह में पूर्व सैनिक, स्वतंत्रता सेनानी मुख्यातिथि रहेंगे। इस दिन पूर्व सैनिक शिक्षक बनेंगे और विद्यार्थियों को भारतीय सेना और संघर्ष का सफर अपने शब्दों में बताएंगे। साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बताया जाएगा। निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारी को कार्यक्रम करवाने के आदेश दिए हैं।
कार्यक्रम के लिए विद्यार्थियों की ओर से पूर्व सैनिकों को पत्र भेजे जा रहे हैं। यह पत्र स्कूल की ओर से आमंत्रण पत्र और उनकी सेवाओं के लिए धन्यवाद होगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की आजादी, संघर्ष, सैन्य सामर्थ के प्रति जागरूक करना है। उन्हें आजादी और देश की अखंडता के लिए किए प्रयासों व कार्यों के बारे जानकारी देनी है, ताकि उनमें राष्ट्र भक्ति की भावना का विकास हो।
इस दौरान भूतपूर्व सैनिक देशभक्ति से जुड़े किस्से सुनाएंगे। इसके लिए स्वतंत्रता दिवस पर विद्यालयों में देशभक्ति की पाठशाला लगाई जाएगी। स्वतंत्रता दिवस समारोह में हर स्कूल में गांव, कस्बे व मोहल्ले के वरिष्ठ भूतपूर्व सैनिक व स्वतंत्रता सेनानी को मुख्यातिथि के रूप आमंत्रित किया जाएगा। मुख्यातिथि सेना के शौर्य, गौरव व देशभक्ति के साथ अनुशासन, सैनिक जीवन का अनुभव साझा करेंगे। वहीं, 1947, 1962, 1965, 1971 और 1999 युद्ध और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बारे बताया जाएगा।
विद्यार्थी देंगे देशभक्ति की प्रस्तुतियां
स्वत्रतंत्रता दिवस पर विद्यार्थी मंच से देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न प्रस्तुतियां देंगे। इसके लिए कई स्कूल के विद्यार्थियों ने विशेष रूप से दो-तीन देशभक्ति गीतों को मिलाकर नया ट्रैक बनाया है, जिस पर विद्यार्थी नृत्य व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। वहीं इस कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ एसएमसी, एनएसएस, एनसीसी, पंचायत सदस्य, सामाजिक संगठन की भूमिका भी निर्धारित की गई है। कार्यक्रम की फोटो व वीडियो सोशल मीडिया व विभाग के पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। विद्यालय के निपुण रिपोर्टर विद्यार्थी इसकी कवरेज करेंगे।
इस बार विद्यालयों में नए भाव व उत्साह से आजादी का महोत्सव मनाया जा रहा है। इस दौरान भूतपूर्व सैनिक अपने अनुभव साझा करेंगे। देशभक्ति के विभिन्न कार्यक्रम होंगे। स्कूलों में तैयारियां की जा रही है। नोडल अधिकारी मॉनिटरिंग करेंगे। - धर्मेंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।