संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत/कैथल। रेलवे रोड पर तेजगति से चलने वाले बेकाबू ट्रक लोगों के लिए आफत बन गए हैं। मंगलवार को हुए एक सड़क हादसे में सेवानिवृत्त एकाउंटेंट की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव को परिजनों के हवाले कर दिया। उधर, मौका पाकर ट्रक चालक फरार हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कलायत के रहने वाले प्रदीप शर्मा (69) शुगर मिल जींद में एकाउंटेंट के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। मंगलवार सुबह वे अपनी बाइक से पुत्र की दुकान खोलने के लिए जा रहे थे। गोशाला मार्केट के सामने सड़क पार करते समय अचानक एक ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में वह मुंह के बल सड़क पर गिर गए। इस बीच ट्रक के अगले पहिये और फिर पिछले पहिये उनके शरीर पर से गुजर गए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
हादसे के बाद मौके पर लोग जमा हो गए। सूचना पर पुलिस भी तत्काल पहुंच गई। ट्रक के नीचे से काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला जा सका। ट्रक के पहियों के नीचे दब कर छाती व पेट पूरी तरह से कुचल गए थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के लिए शव को कैथल भिजवाया और करीब चार बजे उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। कलायत थाना एसएचओ रामनिवास ने बताया कि पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
प्रदीप शर्मा के दो पुत्र हैं। बड़ा पुत्र कलायत में ही अपना व्यवसाय चलाता है जबकि छोटा पुत्र सीआईडी में कैथल में अपनी सेवाएं दे रहा है। प्रदीप शर्मा की मौत से नगर में शोक का माहौल है।
नेता जेपी के थे सहपाठी
कैथल। कांग्रेस नेता जयप्रकाश जेपी और प्रदीप शर्मा बचपन से ही सहपाठी रहे हैं और अभी तक भी उनकी दोस्ती बचपन जैसी ही थी। जेपी सबसे अधिक विश्वास भी प्रदीप शर्मा पर ही करते हैं। हर चुनाव में उनके चुनावी कार्यालय व पैसे का हिसाब-किताब शुरू से ही प्रदीप शर्मा रखते थे।
दो दिन पूर्व ही वे हिसार से अपने कपड़े लेने के लिए आए थे। उनका बैग पैक था और आज हिसार जाकर जेपी के कार्यालय का प्रभार संभालना था। उनकी मौत पर जेपी ने कहा कि उन्होंने अपना सबसे करीबी व बचपन का दोस्त खो दिया। उनके स्थान की भरपाई उनके जीवन में नहीं हो पाएगी। संवाद
ज्यादातर ट्रक हैं बेलगाम
कैथल। इस समय मंडी में गेहूं का उठान चल रहा है। उसे नियत स्थान पर पहुंचाने के लिए जो ट्रक लगे हैं उनमें ज्यादातर बेलगाम हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चालकों की लापरवाही से जान का खतरा बना रहता है। प्रदीप शर्मा का देहांत इसका जीता जागता प्रमाण है। हॉर्न से तो चालक का हाथ ही नहीं उठता जिससे होने वाले ध्वनि प्रदूषण से आम दुकानदार बुरी तरह से त्रस्त है। संवाद
जाहिद हुसैन ।
जाहिद हुसैन ।
जाहिद हुसैन ।