करनाल। अमावस की घोर अंधेरी रात में एक तारा टिमटिमाता है जो पूर्णिमा के आने का भी एहसास कराता है। दुनिया की भीड़ में इस तारे की तरह वही चमकते हैं जिनमें कुछ करने का जज्बा होता है और अपनी निस्वार्थ सेवा से किसी के जीवन को आसान बनाने का प्रयास करते हैं। इसी तारे की तरह मिसाल बनी हैं, करनाल की निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाली सामाजिक संस्थाएं, शिक्षाविद और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर जिले का नाम रोशन करने वाली कुछ शख्सियतें, जिन्हें अमर उजाला के मंच पर ''सेवा को सम्मान''पुरस्कार से अलंकृत किया गया।
अमर उजाला की ओर से डॉ. मंगलसेन सभागार में ''सेवा को सम्मान'' समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 48 शख्सियतों को सम्मानित किया गया। इन हस्तियों को अतिथियों ने भी अमावस की रात में टिमटिमाते तारे की संज्ञा देते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में मेयर रेणू बाला गुप्ता, एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा, जिला परिषद अध्यक्ष प्रवेश कुमारी के प्रतिनिधि सोहन सिंह राणा ने शिरकत की। वहीं पार्षद रजनी प्रोचा विशेष रूप से पहुंची। अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का आगाज किया। इसके बाद सभी शख्सियतों को मंच पर बारी-बारी से बुलाकर अतिथियों ने अपने हाथों से सम्मानित किया। कार्यक्रम में अतिथियों ने अपने सेवा कार्यों का अनुभव भी लोगों से साझा किया। मंच संचालन एंकर सोनम कटारिया ने किया। ब्यूरो
अतिथियों ने किया जज्बे को सलाम
01. मेयर रेणू बाला गुप्ता
मुश्किलों में संस्थाओं ने ही करनाल को किया संगठित
मेयर ने कहा कि सेवा के सम्मान विशेष कार्यक्रम अमर उजाला की तरफ से हुआ है। सम्मान पाने वाले लोग नहीं बल्कि इन सभी को एक निगाह से देखें तो ये संगठन है, जिनके कारण करनाल का नाम ऊंचे स्तर पर है। कर्ण की नगरी के दानवीरों की सेवा से ही हम सभी को प्रेरित करती है। कोरोना काल में इन्हीं संस्थाओं ने करनाल को संगठित करके जीत दिलाई है। सेवाभावी लोगों को सम्मानित करने का सुनहरा अवसर मुझे मिला है। इन लोगों के सहयोग से ही करनाल के उदाहरण देश के सामने हैं और करनाल का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा है। इन लोगाां से प्रेरणा लेकर अन्य लोगों को भी आगे आना चाहिए। कोरोना काल में भी इन्हीं संस्थाओं ने अपनी हिम्मत दिखाते हुए कई घरों में राशन पहुंचाया और जिंदगी बचाने का भी काम किया।
02. एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा
कुछ करने वालों को देखकर ही बदलते हैं भीड़ के रास्ते
जो काम कर रहे हैं और जिन्होंने अच्छा काम किया है, उन्हें सम्मान मिलना जरूरी है। क्योंकि इससे वे तो और अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित होते ही हैं। साथ ही दूसरों को प्रेरणा मिलती है। सम्मान पाने वालों में संस्थाओं के अलावा शिक्षाविद, खिलाड़ी और सरपंच भी हैं। इस मंच पर आने के लिए भीड़ से अलग होना जरूरी है। जो निस्वार्थ भाव से काम करता है, वही हमेशा सबसे अलग और आगे मिलता है। बाद में भीड़ उसके दिखाए मार्ग पर चलने को भी मजबूर होती है। कुछ लोग ऐसे काम करत हैं जैसे केवल उनकी ही जिम्मेदारी हो, यही जुनून और जज्बा होना जरूरी है। अमावस्या या घोर अंधकार की रात होती है उस समय भी एक तारा टिमटिमा रहा होता है, सम्मान पाने वाले वही तारा हैं। आज इस मंच पर सम्मान पाने वाले सभी लोगों को सलाम करना चाहती हूं।
03. जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सोहन सिंह राणा
अच्छा समाज बनाने से करनाल की देशभर में गूंज
करनाल सेवा भाव के नाम से जाना जाता है। जब भी कहीं बाहर किसी दूसरे प्रदेश में जाते हैं और सेवा व दान के बारे में चर्चा होती है तो करनाल का नाम जरूर लोगों की जुबां पर आता है। जिन लोगों को आज सम्मानित किया गया है, इनकी वजह से ही करनाल के लोगों का भी देश में मान बढ़ा है। कोई आगे बढ़कर निस्वार्थ भाव से काम करता है तो उससे सम्मान पाने वाले व देखने वालों में भी काम करने की प्रेरणा मिलती है। सभी के योगदान से समाज का निर्माण होता है। जब इस तरह के सेवाभावी लोग जुड़ते हैं तो निश्चित है कि अच्छा समाज बनेगा और इसकी गूंज भी दूर देश तक जाएगी। यही गूंज हम सभी करनालवासियों में जोश भरती है।
04. पार्षद रजनी प्रोचा
हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा बनीं हैं संस्थाएं
जीवन में कई विपरित परिस्थितियां भी आती हैं, लेकिन उनसे पार वही पाते हैं, जो स्वयं पॉजिटिव हों। ऐसे लोग ही सेवा भाव भी रखते हैं और समाज के लिए काम करते हैं। विपरित परिस्थितियों से पहले खुद लड़ते हैं फिर दूसरों में भी लड़ने की हिम्मत पैदा करते हैं। ऐसा ही जोश करनाल के समाजसेवियों ने कोरोना काल में भी दिखाया। जिसकी बदौलत यहां के लोग ज्यादा सुरक्षित भी रहे और कोरोना को हराने में सफल भी रहे। हर मुश्किल में शहर के लोगों को संस्थाएं ही आगे निकलने की हिम्मत देती हैं। अमर उजाला द्वारा इन्हें व इनकी सेवा को सम्मानित करना पूरे करनाल को सम्मानित करने जैसा है।
-
ये हुए सम्मानित
मानव सेवा संघ
संस्था का जैसा नाम है ठीक वैसा ही काम भी। संचालक स्वामी प्रेम मूर्ति के नेतृत्व में 63 वर्षों से दानी सज्जनों के सहयोग से रोजाना दो समय का भोजन जरूरतमंदों को कराया जाता है। अब तक जरूरतमंद परिवारों की 655 कन्याओं की शादी कराई जा चुकी है।
फोटो 106
येस वी कैन के चेयरमैन स्वर्गीय संजय बतरा
अपने जीवन में संजय बतरा द्वारा समाज उत्थान में किए गए कार्यों को भुलाया नहीं जा सकता। अमर उजाला उनका ये विशेष सम्मान उनकी पुत्री सिमरन बतरा व परिवार के अन्य सदस्यों को सौंपा। संजय बतरा शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्य रहे।
निफा ने बनाए हैं रिकार्ड
संस्थापक चेयरमैन प्रीतपाल सिंह पन्नू के नेतृत्व में निफा ने अलग-अलग क्षेत्र में छह रिकार्ड गिनिज बुक और एक रिकॉर्ड वर्ल्ड बुक में दर्ज है। एक दिन में 1476 रक्तदान शिविर देश भर में आयोजित करके 97774 यूनिट रक्तदान किया गया। इन्हें नेशनल यूथ अवार्ड भी मिला हुआ है।
सहारा दे रहा अपना आशियाना
संस्था की सदस्य अनु मदान ने सम्मान प्राप्त किया। आश्रम में 200 के करीब बेसहारा लोग वर्तमान में रह रहे हैं। जिनके रहने, खाने और बीमार होने पर उपचार का खर्च आश्रम द्वारा उठाया जाता है। यह सेवा कार्य कई वर्षों से चल रहा है।
अंतिम समय में साथ दे रहा जन सेवा दल
प्रमुख सेवादार चरणजीत बाली के नेतृत्व में पिछले 40 सालों से संस्था की ओर से अनगिनत बेसहारा एवं अनजान शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है। इन शवों के संस्कार के बाद अस्थियां भी हर साल हरिद्वार जाकर गंगा जी में प्रवाहित की जाती हैं।
श्रद्धानंद अनाथालय
कई वर्षों से चल रही ये संस्था बेसहारा बच्चों का सहारा बनी है। वर्तमान में 84 बच्चे संस्था के संरक्षण में हैं। हर साल यहां बेटियों की शादी का कार्यक्रम भी आयोजित होता है। संस्था के सदस्य राधेश्याम और पीके शर्मा ने सम्मान ग्रहण किया।
एमडीडी बाल भवन
संस्था 22 वर्षों से चल रही है। वर्तमान में यहां 82 से ज्यादा अनाथ बच्चे रहते हैं। जिन्हें होस्टल की तर्ज पर निशुल्क सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह मान को संस्था के नाम पर सम्मान दिया।
रसोई चला रही जेबीटी कल्याण समिति
अध्यक्ष भारत भूषण कपूर की अध्यक्षता में 2019 से अपनी रसोई के नाम से सेवा कार्य शुरू किया। प्रत्येक रविवार को जरूरतमंदों को भोजन कराते है। बुजुर्गों की टिफिन सर्विस चल रही है। रोजाना 100 बुजुर्गों को निशुल्क घर पर खाना पहुंचाते हैं।
पर्यावरण संरक्षण समिति
अध्यक्ष एसडी अरोड़ा के नेतृत्व में 2010 से पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों को उठाते आ रहे हैं। इसके अलावा संस्था की ओर से सफाई अभियान, जल संरक्षण और हवन करके पर्यवरण की शुद्धि करने का बीड़ा भी उठाया गया है।
आवाज बनी है सिटीजन ग्रिवेंसिज कमेटी
1987 से सीजीसी शहर के लिए सेवारत है। चेयरमैन एडवोकेट लाजपत राय के नेतृत्व में शहर की समस्याओं और ज्वलंत मुद्दों को संस्था द्वारा उठाया जाता है और इन पर प्रशासन का ध्यान दिलवाते हुए समाधान का भी प्रयास किया जाता है।
समर्पण मानव सेवा समिति
पिछले 20 वर्षों में पांच लाख से ज्यादा पौधे रोपित किए। 548 बच्चों को निशुल्क शिक्षा दिलाई। विभिन्न प्रदेशों में 600 से ज्यादा सदस्य हैं, जिनके माध्यम से हर वर्ष हजारों यूनिट रक्तदान भी किया। अध्यक्ष दिलबाग कादियान के बेटे उदय कादियान को सम्मान सौंपा गया।
साढ़े 19 हजार लोगों से कराया रक्तदान
कपिल किशोर अब तक के सफर में 73 बार स्वयं और 36 बार उनकी पत्नी रुबी अग्रवाल ने रक्तदान किया। इनकी ओर से 185 रक्तदान शिविर लगाकर 19483 लोगों से रक्त दान करवाया जा चुका हैं।
436 शिविर लगा चुके डॉ. अशोक
पुलिस निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा हरियाणा पुलिस के अभियान के तहत लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करते हैं। 155 से ज्यादा बार स्वयं रक्त और प्लेटलेट्स दान कर चुके हैं। 436 रक्तदान शिविर आयोजित किए।
गोकर्ण गउ सेवा
प्रधान एएसआई दिनेश कुमार के नेतृत्व में संस्था अब तक 900 से ज्यादा बीमार गायों का इलाज करा चुकी है। 450 मृत गायों का संस्कार किया गया। इसके अलावा 11 लड़कियों की शादी भी कराई जा चुकी है।
लक्ष्य जनहित सोसायटी
अध्यक्ष दिनेश बख्शी के नेतृत्व में संस्था ने पेड़ों की ग्रोथ के लिए मुहिम चलाई हुई है। ट्री गार्ड में जकड़े हुए 1000 पेड़ों को ट्री गार्ड से मुक्त कर चुके हैं। वहीं छोटे पौधों में ट्री गार्ड लगाए जा रहे हैं।
पुकार वक्त की.. ने जलाई शिक्षा की अलख
अध्यक्ष डॉ. कीर्ति गुप्ता के नेतृत्व में 2014 से जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को पढ़ाने की निशुल्क क्लास लगाई जा रही है। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले 120 से ज्यादा बच्चों को पढ़ा रहे हैं। 75 युवा शिक्षक के रूप में निशुल्क सेवाएं दे रहे हैं।
कन्यादान में जुटे मुकुल सैनी
जरूरतमंद परिवारों की 12 बेटियों की शादी में सहयोग कर चुके। 18 ऐसे बच्चों की स्कूल फीस देते हैं, जिनके पिता का कोराना काल में देहांत हुआ। घर से निकाले हुए 38 बुजुर्गों को हर माह राशन उपलब्ध कराते हैं।
प्रिंसिपल महेंद्र नरवाल
जिले का पहला मॉडल संस्कृति स्कूल जहां केवल बेटियां ही पढ़ती हैं, इस स्कूल की सूरत और हालात बदलने के लिए इन्होंने काम किया। इनकी पढ़ाई कई छात्राएं उच्च पदों पर पहुंची हैं। खेल में बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गए हैं। सांस्कृतिक कार्यों में बेटियों को आगे रखा।
इन दो स्कूलों को मिल मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण पुरस्कार
- बीआरसी धर्मपाल निगदू के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल के प्रिंसिपल रहे। साथ ही नीलोखेड़ी के खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यभार भी संभाला। इनके कार्यकाल में इसी वर्ष स्कूल ने मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण पुरस्कार जीता है।
- राजकीय उच्च विद्यालय नगला मेघा के मुख्य अध्यापक कृष्ण कुमार निर्माण ने भी शिक्षा के साथ-साथ स्कूल का कायाकल्प करने में कार्य किया है। इसी वर्ष इनके स्कूल का भी मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।
तिरंदाज रिद्धि फौर
तिरंदाजी में इस बेटी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया और कई पदक जीते। 10 इंटरनेशनल और 58 नेशनल पदक जीत चुकी हैं। दो बार खेलो इंडिया में चैंपियन रही। रिद्धि के पिता मनोज फोर को पुरस्कार दिया।
- शूटर अनीश बनवाला
करनाल का नाम शूटिंग प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। देश विदेश में कई पदक जीत चुके हैं।
- गूगल ब्वॉय कोटिल्य पंडित
छोटी उम्र में बड़े कारनामे किए। अपनी प्रतिभा के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन किया। राष्ट्रपति से भी सम्मानित हो चुके हैं।
श्री रामायाण पाठक सभा
शहर में यह संस्था 119 साल से रामलीला मंचन के माध्यम से संस्कृति को जिंदा रखे हुए है। रामलीला करने वाला यही संगठन वर्तमान में सक्रिय है। संस्था के प्रधान विजय सिंगला को सम्मान सौंपा गया।
श्री सनातन धर्म शिव मंदिर
संस्था की ओर से पिछले 47 वर्ष से हर महाशिवरात्रि पर सांग और रागनी कंपीटिशन के माध्यम से हरियाणा की संस्कृति को जिंदा रखने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था के सदस्य राजन गुप्ता को सम्मान सौंपा गया।
जोड़ियां बना रहा अग्रवाल युवा संगठन
प्रधान रमेश जिंदल को सम्मान सौंपा। उत्तर भारत में पहली बार युवक युवती परिचय सम्मेलन की शुरुआत सन 2000 में करनाल से की। अब तक 6000 रिश्ते संगठन के माध्यम से हुए हैं। छह सौ जोड़ों का विवाह संगठन द्वारा करवाया गया।
अग्रवाल वैश्य समाज
प्रधान राजेश सिंगला के नेतृत्व में गरीब एवं असहाय परिवार के बच्चों को पढ़ाई में मदद की जाती है। साथ ही छात्रवृत्ति भी दी जाती है।
नवचेतना मंच
अध्यक्ष एसपी चौहान के नेतृत्व में युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने की मुहिम चलाई। इनके जीवन पर फिल्म भी बन चुकी है। जिसकी देश भर में सराहना भी हुई।
मेरा मिशन स्वस्थ भारत
संस्थापक दिनेश गुलाटी के नेतृत्व में पिछले 18 साल से शहर में 10 योग कक्षाएं संचालित हैं। योग के माध्यम से सभी को स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया जाता है।
भारत विकास परिषद अभिमन्यु शाखा
अध्यक्ष रजनीश चौपड़ा के नेतृत्व में जरूरतमंद परिवारों को तुरंत मदद प्रदान करने के लिए आगे रहते हैं। राशन वितरण, रक्तदान कार्य व कोरोना काल में शुरू हुए टीकाकरण के लिए लगने वाले शिविर अभी तक चल रहे हैं।
भारत विकास परिषद श्री राधा कृष्ण शाखा
संस्था की अध्यक्ष प्रियंका काठपाल और अन्य सदस्यों द्वारा शहर में स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाते हैं। स्कूली बच्चों को वर्दी व फीस में योगदान दिया जाता है। इसके अलावा दिव्यांग लोगों को सहायक उपकरण देकर भी मदद की जाती है।
ये पंचायतें बनीं जिले के लिए मिसाल
जिले में कुछ पंचायतें ऐसी हैं। जो पिछले दिनों हुए पंचायत चुनाव में सर्वसम्मति से चुनी गई हैं। यानी यहां का सरपंच और पंचायत के सभी पंच बिना चुनाव के लोगों ने चुने। इन्हें सरकार की ओर से भी विशेष पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। ये पंचायतें जिले के लिए लोकतंत्र प्रणाली में मिसाल बनी हैं।
- ग्राम पंचायत धमनहेड़ी : सरपंच रमेश कुमार और 7 पंच सर्वसम्मति से चुने गए।
- ग्राम पंचायत राजगढ़ : सरपंच परविंद्र कौर और सात पंच सर्वसम्मति से चुने गए।
- ग्राम पंचायत कमालपुर : सरपंच आशा देवी और सात पंच सर्वसम्मति से चुने गए। सरपंच प्रतिनिधि सुलतान सिंह ने सम्मान प्राप्त किया।
- ग्राम पंचायत गालिबखेड़ी : सरपंच अमर सिंह और छह पंच सर्वसम्मति से चुने गए।
- ग्राम पंचायत बोहली : सरपंच कांता और सभी पंच सर्वसम्मति से चुने गए। सरपंच प्रतिनिधि पंकज कुमार कार्यक्रम में पहुंचे।
-