संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सिविल अस्पताल में सोमवार को पहुंचे दंपती सहित सात संदिग्धों के इन्फ्लूएंजा की एच3एन2 ए की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जिससे स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। वहीं, सात में से तीन मरीजों की रिपोर्ट एच3एन2 में बी पॉजिटिव आई है। मंगलवार अल सुबह एक व चार सैंपल दोपहर बाद मेडिकल कॉलेज भेजे गए। जिनमें से अल सुबह भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट भी बी पॉजिटिव आई है। अन्य चार की रिपोर्ट कल दोपहर बाद आ सकती है। आदेश जारी होने के बाद मंगलवार को सभी डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर और अन्य स्टाफ ने मास्क लगाए और सैनिटाइजर का उपयोग किया।
एच3एन2 के बी पॉजिटिव मरीज का दवाइयों से ही हो जाएगा इलाज
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि दो दिनों में कुल 12 सैंपल भेजे गए हैं। जिनमें से आठ सैंपलों की रिपोर्ट आई। जिसमें से चार की रिपोर्ट एच3एन2 की बी पॉजिटिव मिली है। बी पॉजिटिव आने पर घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इनका इलाज बिना आइसोलेट हुए केवल दवाइयां और कुछ सावधानियां रखकर किया जा सकता है। मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपक गोयल ने बताया कि दंपती की हालत में कल से सुधार आया है। जिन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। सोमवार दिनभर दोनों मरीज वेंटिलेटर और ऑक्सीजन पर थे, लेकिन मंगलवार को हालत में सुधार होने के बाद दोनों को वेंटिलेटर व ऑक्सीजन से हटा दिया गया है। जिन्हें आगामी दो दिनों के बाद छुट्टी दी जा सकती है। डॉक्टरों ने बताया कि सिविल अस्पताल की फ्लू ओपीडी में मंगलवार को 109 मरीज खांसी, जुकाम व बुखार से संबंधित पहुंचे। जिनमें से पांच संदिग्धों के सैंपल कल्पना चावला मेडिकल काॅलेज की विषाणु लैब में भेजे गए हैं। इनमें से एक की रिपोर्ट बी पॉजिटिव आई है। चार की रिपोर्ट आनी बाकी है। जो कि बुधवार को आ सकती है।
बदलते मौसम में वायरल सामान्य बीमारी
सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि बदलते मौसम में वायरल सामान्य बीमारी है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। बार-बार अपनी आंखों व नाक को न छुएं, खांसते व छींकते वक्त मुंह ढककर रखें। सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें। बुखार या बदन दर्द होने पर डॉक्टर की सलाह लें। बिना डॉक्टर की सलाह दवाई न लें।