फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजादी को संभालना ही बना चुनौती

Sun, 23 Mar 2014 11:48 PM IST
करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
‘हमारे दादा पड़दादाओं ने कुर्बानी देकर आजादी दिलवाई, लेकिन आज उसी आजादी को बरकरार रखना हमारे लिए चुनौती बन गई है, इसलिए इस आजादी को संभाले रखने के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ रहना होगा।
विज्ञापन

\
 युवाओं में यह जोश रविवार को निफा की ओर से आयोजित शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव के शहादत दिवस पर बसताड़ा स्थित आरपीआईआई में शहीद राजगुरू के पड़पोते शांतनु राजगुरू ने भरा। इस दौरान निफा के अध्यक्ष प्रितपाल सिंह पन्नु, संयोजक एडवोकेट नरेश बराना साथ रहे।

उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात हमारे जवानों पर बोले जा रहे हमलों के कारण ही है कि देश की कमजोरी उन्हें पता चल गई है। राजनीति में आने के सवाल पर शांतनु ने कहा कि राजनीति में जाना सही है, लेकिन आज की राजनीति भ्रष्टाचार में लिप्त है। इसलिए राजनीति को अच्छे लोगों की आवश्यकता है।
विज्ञापन


शहीदों के विचारों और उन द्वारा भारत को मजबूत बनाने की जो नींव रखी थी, उस पर निरंतर लगे हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई है। युवा ही भ्रष्टाचार को खत्म कर सकते हैं। रिश्वत न लो और न ही दो। यदि हम किसी को रिश्वत देंगे ही नहीं तो काम एक दिन लेट हो जाएगा। यदि हम रिश्वत को देकर फटाफट काम करने पर विश्वास रखते हैं, तो हमें गुलामी पहले की तरह जकड़ लेगी।

इसलिए भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़कर ही हम भारत वर्ष की नींव को मजबूत बना रहे हैं। हम धन दौलत को अपने बच्चों के लिए जोड़ते हैं। यदि उनको आजादी ही मिली रहे तो धन दौलत वें खुद ही कमा लेंगे। गुलामी के वक्त धन काम नहीं आता। वहां पर एकजुटता की जरूरत पड़ती है। एकजुटता के बारे में भावना नहीं होने से आजादी लंबे समय तक नहीं चल सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें