संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में 18 जून से पुराने रिकॉर्ड, फर्नीचर और उपकरणों की छंटाई और पहचान का काम चल रहा है, जिसमें से कागजी रिकॉर्ड की छंटाई का काम पूरा हो चुका है। इसमें 2010 से पहले के सभी एक्स-रे फिल्म, 2019 से पहले के इनडोर (आईपीडी) और आउटडोर (ओपीडी) रिकॉर्ड को अलग किया गया है। जिसे नष्ट किया जाएगा।
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. दीपक ने बताया कि नियमानुसार 2010 से पहले के सभी एक्स-रे फिल्म और आईपीडी रिकॉर्ड नष्ट किए जाएंगे। इनमें कई बार मेडिको-लीगल (कानूनी) महत्व की जानकारियां भी होती हैं, इसलिए इन्हें नष्ट करने से पहले पुलिस अधीक्षक को विधिवत सूचना दी गई है। अगर किसी केस या अदालत में इन रिकॉर्ड की जरूरत पड़ती है तो उसे पहले सुरक्षित किया जा सकेगा। आईपीडी रिकॉर्ड और एक्स-रे फिल्म कई बार गंभीर या संदिग्ध मामलों में अहम सबूत बनते हैं। अदालत या पुलिस के मांगे जाने पर इन्हीं रिकॉर्ड का सहारा लिया जाता है।
वहीं, ओपीडी कार्ड में मरीज की बीमारी, इलाज का विवरण, दवाइयों की सूची और डॉक्टर की सलाह दर्ज होती है, जो भविष्य के इलाज या बीमा प्रक्रिया में बेहद काम आते हैं। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पुराने, खराब उपकरण और कबाड़ हटने से अस्पताल में सफाई, व्यवस्था और सुविधाएं बेहतर होंगी। इससे मरीजों को इलाज के दौरान अधिक सुविधा और राहत मिलेगी।