करनाल। विश्व कराटे महासंघ ने कराटे प्रतियोगिता कराने वाले 14 संघों और प्रतियोगिताओं में शामिल तकनीकी अधिकारियों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इनमें तीन संघ हरियाणा से संबंध रखते हैं। महासंघ ने इनके फर्जी होने का दावा करते हुए कहा है कि लगातार कई संस्थाएं विश्व कराटे महासंघ के नाम का उपयोग कर और अपने प्रतियोगिता टाइटल में विश्व कराटे प्रतियोगिता, राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता इत्यादि लिखते रहे हैं, जिससे खिलाड़ी इन्हीं में उलझे रहते हैं और ताउम्र सही मंच पर नहीं पहुंच पाते। खिलाड़ियों के साथ होने वाले धोखे को ध्यान में रखते हुए विश्व कराटे महासंघ ने यह गाइडलाइन जारी की है। विश्व कराटे महासंघ से संबंध न रखने वाला कोई भी संघ अब अपनी प्रतियोगिता में विश्व, एशियाई और राष्ट्रीय नाम और लोगो आदि का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
कराटे इंडिया आर्गेनाइजेशन के प्रेस एंड मीडिया राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेंद्र सिंह मोर के अनुसार देश में होने वाली फर्जी कराटे प्रतियोगिताओं पर रोक को लेकर विश्व कराटे महासंघ ने नई गाइडलाइन जारी की है। साथ ही जो भी तकनीकी अधिकारी खिलाड़ियों को बहका कर फर्जी प्रतियोगिताओं की तरफ मोड़ते हैं या खुद फर्जी प्रतियोगिताएं करवाते हैं, विश्व कराटे महासंघ के अधिकृत व आधिकारिक मान्यता प्राप्त संघ कराटे इंडिया आर्गेनाइजेशन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की गतिविधि में शामिल होते हैं, उन सभी के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से खत्म कर दिए गए हैं। इसके अलावा जो भी तकनीकी अधिकारी कराटे खिलाड़ियों से प्रतियोगिताओं के नाम पर धोखाधड़ी और ठगी करते पाए जाते हैं, उनके लाइसेंस तुरंत प्रभाव से समाप्त कर दिए गए हैं, इसके साथ ही एशियाई कराटे संघ ने भी भारत के उन तकनीकी अधिकारियों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं, जिनकी संलिप्तता ठगी और धोखाधड़ी में पाई गई है।
विश्व कराटे महासंघ की तकनीकी कमेटी के सदस्य व पूर्व भारतीय महासचिव शिहान भारत शर्मा ने बताया कि कराटे खेल भारत मे ही नहीं विश्व भर में सबसे अधिक खेला जाता है, लेकिन कुछ लोग लालच में खिलाड़ियों को बरगलाते हैं और फर्जी प्रतियोगिता करवा कर खिलाड़ियों के साथ ठगी करते हैं। इनमें वो भी शामिल हैं जो विश्व कराटे महासंघ और एशियाई कराटे संघ के लाइसेंस धारक हैं। ऐसे 14 संघों की मान्यता निरस्त कर दी है। इनमें तीन संघ हरियाणा से संबंध रखते हैं।