- स्वास्थ्य निदेशक ने प्रदेशभर के सिविल अस्पतालों को लिखा पत्र
- सिविल अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी 300 के पार
- नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में पहुंच रहे 300 मरीज, जिनमें 150 बच्चे शामिल
- आंखों को दूषित हाथों से छूने से फैल रहा रोग
अनुज शर्मा
करनाल। आई फ्लू तेजी से फैल रहा है। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य सेवा निदेशालय हरियाणा, पंचकूला की ओर से प्रदेशभर के सभी सिविल अस्पतालों को पत्र जारी किया है। जिसमें सभी नेत्र रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे मरीजों की संख्या के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रम और अस्पतालों में आई फ्लू से संबंधित दवाओं का ब्यौरा मांगा गया है। ताकि तेजी से फैल रहे आई फ्लू की रोकथाम की जा सके। करनाल जिले की नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 300 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 150 से अधिक बच्चे शामिल हैं। जिन्हें डॉक्टर दवाओं के साथ-साथ जागरूक कर रहे हैं। संवाद
क्या है कंजक्टिवाइटिस
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष मित्तल ने बताया कि कंजंक्टिवाइटिस, आई फ्लू (आंख आना) वैसे तो ज्यादा खतरनाक बीमारी नहीं है, लेकिन आंखों में होने के कारण ये कष्टदायक होती है। यह आम वायरल की तरह है। जब भी मौसम बदलता है, यह अपना असर दिखाता है। यह ज्यादातर धूल भरे मौसम में या नर्म और गर्म मौसम में फैलता है। वायरस, बैक्टीरिया फंगस के संक्रमण की वजह से आई फ्लू होता है। उन्होंने बताया कि इस संक्रमण की शुरुआत एक आंख से ही होती है, लेकिन जल्द ही दूसरी आंख भी इसकी चपेट में जाती है। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी मेडिकल स्टोर से दवाई लेकर आंखों में न डालें। इससे संक्रमण में इजाफा हो सकता है।
आई फ्लू के लक्षण
आंखों का लाल होना, खुजली, आंखों से पानी आना, आंखों में सूजन होना, आंखों में चुभन होना, आंखों में चिपचिपा और तरल गंदी जमा होना।
ऐसे करें बचाव
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नीतिका ने बताया कि बरसात के मौसम में हाथों को नियमित रूप से साबुन से साफ करते रहें। आंखों की सफाई का ध्यान रखें। आंखों को ठंडे पानी से बार-बार धोएं। किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। इस रोग के मरीज आंखों पर बार-बार हाथ न लगाएं। अगर संक्रमित आंख को छुएं, तो हाथ ठीक से साफ करें। गंदगी और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। संक्रमित व्यक्ति से हाथ न मिलाएं और उनकी चश्मा, तौलिया, तकिया आदि न छुएं। इस सीजन में स्विमिंग करने से बचें।
सिविल अस्पताल में आई फ्लू से संबंधित सभी प्रकार की दवाओं का स्टॉक पर्याप्त मात्र में मौजूद है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज और दवाइयां दी जा रही हैं।
डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ, सिविल अस्पताल