रोडवेज की हड़ताल खत्म होने के बाद मंगलवार को बसों के पहिये तो सरके, लेकिन सरकारी दफ्तरों में में पैन जाम हो गए। कई विभागों के सैकड़ों कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
आधे जिले में बिजली सप्लाई बाधित होने के कारण ब्लैक आउट रहा और जहां-जहां बिजली की सप्लाई बाधित रही, वहां लोगों को पीने के पानी की दिक्क्त उठानी पड़ी। इसके अलावा मंगलवार सुबह रोडवेज की हड़ताल से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि दोपहर बाद सरकार की ओर से रोडवेज कर्मचारियों की सभी मांगों को मान लिया, जिसके बाद उन्होंने हड़ताल खत्म कर दी।
ठंड की परवाह किए बिना हड़ताल पर गए कर्मचारी सरकार के विरोध में नारेबाजी करते रहे। बिजली कर्मियों ने यह तक कह दिया बिजली मंत्री झूठ बोल रहे हैं। बिजली कर्मियों की एक भी मांग पूरी नहीं की गई है। कोई मांग नई नहीं है। सरकार द्वारा पूर्व में स्वीकार की जा चुकी मांगों को लागू नहीं किया जाने का विरोध है। कर्मियों ने चेतावनी देते कहा वह सरकार की धमकियों और बर्बरता से डरने वाले नहीं है।
कर्मचारी नेता सरबत सिंह पूनिया को गिरफ्तार किया गया है। लाखों कर्मी गिरफ्तारी देने से पीछे नहीं हटेंगे। सरकार ने उन मांगें नहीं मानीं तो हड़ताल तीन दिन के बजाये अनिश्चितकाल में भी तबदील हो सकती है।
मंत्री स्वार्थ के लिए नहीं करे हैं लागू
सभी विभागों के कर्मियों के सर्वकर्मचारी और महासंघ की हरियाणा कर्मचारी तालमेल कमेटी के बैनर तले कर्मियों ने अपना विरोध प्रदर्शित किया। पूरा दिन कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मियों ने यहां तक कह डाला कि कुछ अधिकारी और मंत्री अपने स्वार्थ की खातिर सरकार को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मियों ने पहिया जाम कर अपनी ताकत का एहसास कराया है। अब बिजली निगम की बारी है। सब कुछ बिजली पर आधारित है। यहां तक की अब पीने के पानी सप्लाई तक बिजली पर निर्भर करती है। सर्वकर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश सिंहमार, महासंघ के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ शर्मा तथा एसकेएस के राज्य उप महासचिव जीवन सिंह ने कर्ण पार्क में मौजूद सैकड़ों कर्मियों को संबोधित करते कहा हरियाणा की सरकार ने कर्मियों के हितों पर कुठाराघात किया है।
हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनवाने में कर्मियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। कांग्रेस से पूर्व की सरकार भी कुठाराघात करती रही। मौजूदा सरकार भी ऐसा ही कर रही है।
अब कर्मचारी सरकार की नीयत और नीति को समझ गए हैं। सरकार में बैठे लोगों आम लोगों और कर्मियों के लिए नहीं, बल्कि अपने स्वार्थ के लिए काम करते हैं। वे लोग पिछले कई महीने से सरकार को चेतावनी दे रहे हैं। उनकी मांगें नहीं मानी गई तो हड़ताल होगी, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। हड़ताल करने के बाद सरकार कर्मियों को वार्ता के लिए बुलाती है, जो गलत है। सरकार को चाहिए कि समय रहते पूरा काम होना चाहिए।
यहां-यहां ब्लैक आउट
तीनों नेताओं ने कहा कर्मियों की ताकत का सरकार को अंदाजा नहीं है। सरकार बनाना और चलती करना कर्मियों को ठीक से आता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मांगें नहीं मानी तो हड़ताल अनिश्चितकाल में भी बदल जाएगी।
बिजली ज्वाइंट एक्शन कमेटी के नेताओं में शामिल सतपाल सैनी, जसमेर कांबोज समेत कई कर्मियों ने कहा कि बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव झूठे बोलते हैं।
सरकार ने मांगें मान जरूर ली थीं, लेकिन बिजली मंत्री ने एक भी मांग लागू नहीं करवाई। उन्होंने कहा इंद्री, गढ़ी बीरबल, नेवल, तरावडी, अमीन, नीलोखेडी, निसिंग, मूनक, घरौंडा, असंध, जुडला, सब अर्बन घरौंडा फीडर क्षेत्रों में ब्लैक आउट रहा। इसके अलावा करनाल का मीराघाटी और नावल्टी रोड का आधा क्षेत्र पूरी तरह अंधेरे में डूबा रहा। करीब तीन लाख लोगों के प्रभावित होने का अनुमान है। अब यह सप्लाई तीन दिन तक बाधित रहेगी।