माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुश के 4 घंटे में दो छोर पर तिरंगा फहराकर पर्वतारोही राकेश कादियान ने रिकॉर्ड बनाया है। जेल ट्रेनिंग अकादमी में ड्रिल अनुदेशक के रूप में सेवाएं देने वाले राकेश की इस उपलब्धि को जीनियस इंडियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने दर्ज किया है। इसके लिए बकायदा सम्मानपत्र भी उन्हें भेजा गया है।
पर्वतारोही राकेश कादियान ने युवाओं में जागरूकता लाने, बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ के नारे को सार्थक करने और समाज की सोच बदलने के लिए 47 वर्ष की आयु में 24 अगस्त, 2025 को सुबह 6 बजे यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुश (पश्चिमी छोर 5642 मीटर) और इसी दिन सुबह 10 बजे दूसरी सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुश 5621 मीटर (पूर्वी छोर) पर सफलता पूर्वक चढ़ाई करके तिरंगा फहराया।
राकेश कादियान ने बताया कि अब उनका सपना विश्व के सभी सातों महाद्वीपों के सभी ऊंचे पर्वतों पर भारतीय तिरंगा फहराना है। जिसके लिए वे मेहनत कर रहे हैं। वह अब तक ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर), विश्व की चौथी ऊंची चोटी माउंट ल्होत्से (8516 मीटर), अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो (5895 मीटर केवल 16 घंटे में फतेह), भारत की चोटी माउंट सतोपंथ (7075 मीटर), माउंट नून (7135 मीटर), माउंट कांग-यात्से-1 (6401 मीटर) पर चढ़ाई कर चुके हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के जवानों को समर्पित की उपलब्धि
ड्रिल अनुदेशक राकेश कादियान की इस उपलब्धि से जिला जेल और जेल अकादमी में खुशी का माहौल है। अकादमी के प्रिंसिपल नरेश कुमार गोयल ने भी उन्हें सम्मानित किया। राकेश ने बताया कि वे अपनी इस उपलब्धि को पहलगाम में शहीद हुए लोगों और ऑपरेशन सिंदूर में सफलता दिलाने वाले भारतीय सेना के जवानों को समर्पित किया है। इस अवसर पर अकादमी स्टाफ सहायक जेल अधीक्षक जोगिंदर सिंह पचार, ड्रिल अनुदेशक ऋषि पाल, वीरेंद्र राणा, कन्हैया लाल, जगदीश बेनीवाल, राजेश लोहान, सुधीर सैनी और मनजीत कुमार मौजूद रहे।