उपतहसील का गांव रायसन कई मायनों में खास है। एक तो यह है कि डीसी ने इसे गोद ले रखा है, इसके अलावा अहम बात यह है कि यहां की सरपंच महिला है। उनके सरपंच बनने के बाद से सालभर में कोई भी विवाद पंचायती स्तर पर ही निपटा लिया गया है। नई पंचायत के गठन के एक साल बाद से अब तक एक भी केस गांव के थाने में नहीं है।
गौरतलब है कि जिला उपायुक्त ने 11 फरवरी 2015 को गोद लिया था। पंचायत प्रतिनिधि बनी सिंह ने बताया कि गांव में ग्राम पंचायत को बने करीब 1 वर्ष हो गया। सरपंच गांव की ही बेटी भारती राणा है। गांव में यदि किसी का कोई आपसी झगड़ा या कोई अन्य मामला होता है तो उसे पुलिस प्रशासन में ना ले जाकर ग्राम सचिवालय में ही दोनों पक्षों को बुलाकर मामले का निपटारा कराया जाता है। गांव के लोग आपसी भाईचारे को बनाए हुए हैं और एक दूसरे की मदद भी करते हैं। करीब छह हजार की इस आबादी वाले गांव की और भी खासियतें हैं। एक तो यहां पर साफ सफाई शहर से भी अच्छी है और दूसरी सभी विभागों के अधिकारी यहां के ग्राम सचिवालय में निर्धारित दिन पर पहुंचते हैं और लोगों के काम गांव में ही निपटते हैं। सरपंच भारती राणा का कहना है कि गांव को आदर्श बनाने में विधायक, सांसद समेत सीएम का पूरा सहयोग है।
टीम कर रही है सर्वे
प्रदेश में हर जिले से हरियाणा इंस्टीच्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट (एचआईआरडी) की टीम बिना सूचना के एक सप्ताह से गांव रायसन में बने ग्राम सचिवालय और गांव का दौरा करने में लगी हुई है। गांव में बने ग्राम सचिवालय को देखकर ग्राम पंचायत की सराहना की। गांव में गंदगी का नामोनिशान न दिखाई देने पर और ग्राम सचिवालय में बने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों केे बैठने के कार्यालय व व्यवस्था को देख निरीक्षण अधिकारी भी भौचक रह गए।
एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं
गांव की सरपंच भारती राणा ने बताया कि उनके गांव में ग्राम सचिवालय बनने से ग्रामीणों को हर सुविधा घर द्वार मिल रही है। पहले उन्हें इन्हीं कामों के लिए शहर जाना पड़ता था। उन्होंने बताया कि ग्राम सचिवालय में स्वास्थ्य, बिजली, पटवारी, पशु स्वास्थ्य, पेंशन, बैंकिंग कार्य, एलआईसी की फीस, बिजली बिल व अन्य प्रकार के कार्य एक ही छत के ग्रामीणों को मिल रहे हैं। अब उन्हें इनके लिए जिले व अन्य शहरों में नहीं जाना पड़ता है। गांव रायसन में बने ग्राम सचिवालय में इस समय पटवारी विभाग, ग्राम सचिव, बिजली विभाग, कृषि विभाग, कॉमन सर्विस सेंटर, स्वास्थ्य विभाग व पशु स्वास्थ्य विभाग के अलग-अलग कमरे मौजूद हैं। इनमें सप्ताह में दिनों के हिसाब से सभी विभागों के अधिकारी व चिकित्सक मौजूद होते हैं।
विभाग सप्ताह में बैठने का दिन
पशु विभाग प्रतिदिन
कृषि विभाग प्रतिदिन
पटवारी सोमवार व वीरवार
बिजली प्रतिदिन
ग्राम सचिव मंगलवार व वीरवार
स्वास्थ्य विभाग प्रतिदिन
कॉमन सर्विस सेंटर प्रतिदिन