दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जगहों पर ओलावृष्टि के साथ बारिश ने किसानों की परेशानी को बढ़ा दिया है।
तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से किसानों के चेहरे लटक गए हैं। पिछले 48 घंटों में 37.4 एमएम बारिश हो चुकी है। मौसम विशेषज्ञों की माने तो अगले 24 घंटे में भी बारिश जारी रहेगी। किसानों के खेत में खड़ी गेहूं की फसल बर्बाद होने का खतरा है।
कुदरत की मार से किसान परेशान
पिछले दो दिनों से मौसम के बिगडे़ मिजाज ने किसानों और आम लोगों को बेहाल कर दिया है। गांव निसिंग के किसान रामदिया, रामस्वरूप, जुंडला के दीपक और इंद्री क्षेत्र के गांव फाजिलपुर निवासी जसमेर ने कहा कि किसानों की बदहाली खेती पर देखी नहीं जाती। किसानों की मेहनत हवा, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि ने जमीन पर बिछा दी है। लोग कुदरत की मार के सामने बेबस हैं। किसान तो छह महीने में पैदा होने वाली फसलों के बल पर ही जिंदा हैं। किसान वैसे ही घाटे में हैं।
बारिश ने खोली दावों की पोल
बारिश ने जिला प्रशासन के विकास के दावों की पोल खोलकर रख दी है। शहर के कई क्षेत्रों में पानी भर गया है। बारिश में वाहन चालकों को भी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। सेक्टरों और शहर के अन्य स्थानों पर सड़कें टूटी होने का खामियाजा दोपहिया वाहन चालकों को भगुतना पड़ा। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर गया है। कई दोपहिया वाहन गड्ढों में फंस गए।
बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। यह हवा दक्षिण से उत्तर दिशा में चली, जो और बारिश होने का संकेत दे रही है। बीते दिन शुक्रवार को 15.4 एमएम बारिश हो चुकी है। दो दिन में कुल 37.4 एमएम बारिश हुई है। अगले 24 घंटे में भी बारिश होने की पूरी संभावना बनी है। शनिवार को अधिकतम तापमान 15.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री दर्ज किया गया है। मौसम में नमी 100 प्रतिशत सुबह और 93 प्रतिशत शाम को दर्ज की गई।